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Lucknow News: बुजुर्ग महिला को छह दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट, ऐंठे 78.50 लाख रुपये

Sun, 23 Aug 2026 02:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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एआई तस्वीर।
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लखनऊ। इंदिरानगर के रवींद्रपल्ली हरिनगर निवासी 75 वर्षीय रत्ना कौल पर अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग गिरोह के लिए काम करने का आरोप लगाकर साइबर जालसाजों ने उन्हें छह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। जालसाजों ने खुद को सीबीआई और एटीएस अधिकारी बताकर उन्हें धमकाया और 78.50 लाख रुपये ठग लिए। रत्ना कौल ने शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
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रत्ना कौल के अनुसार, उनके पति अजय कौल का 26 फरवरी 2009 को निधन हो चुका है। वह अकेली रहती हैं। 13 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे उनके पास एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को एटीएस अधिकारी बताते हुए रत्ना पर अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग गिरोह के लिए काम करने का आरोप लगाया। उसने यह भी बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर केनरा बैंक, मुंबई में एक खाता संचालित किया जा रहा है। इसके बाद जालसाजों ने उन्हें गिरफ्तार कर मुंबई जेल भेजने की धमकी दी।

हर 30 मिनट पर ऑनलाइन उपस्थित होने का दिया आदेश
रत्ना के अनुसार, जालसाजों ने सीबीआई और एटीएस अधिकारी बनकर श्री मिश्रा, प्रदीप सांवत, संदीप और विजय खन्ना के नाम से उन्हें छह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपियों ने उन्हें हर 30 मिनट में वीडियो कॉल पर उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कहा। ऐसा न करने पर आरोपियों ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की धमकी दी। साथ ही धमकाया कि यदि उन्होंने किसी को इस बारे में बताया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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फर्जी गिरफ्तारी वारंट व वर्दी दिखाकर धमकाया
रत्ना के अनुसार, जालसाजों ने उन्हें डराने के लिए सुप्रीम कोर्ट और पुलिस विभाग की मुहर लगे फर्जी गिरफ्तारी वारंट दिखाए। आरोपी हर 30 मिनट बाद वीडियो कॉल कर उन्हें धमकाते थे। कुछ जालसाज पुलिस की वर्दी भी पहने रहते थे। जालसाजों ने रत्ना से उनके बैंक और डाकघर के खातों की जानकारी मांगी। उन्होंने खातों की जानकारी जालसाजों को दी, लेकिन उनमें अधिक रकम नहीं मिली।

बैंक भेजकर एफडी तुड़वाई, ट्रांसफर कराए रुपये
खातों में रकम न मिलने पर आरोपियों ने रत्ना से एफडी के बारे में पूछताछ की। रत्ना ने बताया कि उनकी पंजाब नेशनल बैंक में एफडी है। 14 अगस्त को जालसाजों ने रत्ना को बैंक जाकर एफडी तुड़वाने और रकम उनके बताए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा। डरी-सहमी रत्ना ने ऐसा ही किया और एफडी तुड़वाकर रकम जालसाजों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दी।

22 लाख रुपये कराए गए फ्रीज
एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुई रत्ना की तहरीर पर शुक्रवार को आईटी एक्ट, धमकी और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। जालसाजों ने जिन खातों में रुपये ट्रांसफर कराए थे, उनकी जानकारी संबंधित बैंकों से मांगी गई है। रत्ना ने जालसाजों के छह मोबाइल नंबर भी बताए हैं। सर्विलांस की मदद से उन्हें ट्रेस किया जा रहा है। एसीपी साइबर क्राइम शाहिदा परवीन ने बताया कि रत्ना के 22 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
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