लखनऊ। साइबर जालसाजों ने खुद को ईडी का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को 11 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और उनसे 16 लाख रुपये वसूल लिए। साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पारा के सदरौना निवासी पूरन राम टम्टा सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त हैं। 27 फरवरी को उनके पास अनजान नंबर से कॉल करने वाले ने अपना परिचय इंस्पेक्टर रंजीत यादव देते हुए कहा कि तुमसे ईडी के अधिकारी प्रेम कुमार गौतम बात करेंगे और फिर कॉल काट दी। कुछ देर बाद प्रेम कुमार गौतम ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दोषी बताते हुए जेल भेजने की धमकी दी। ठग ने कहा कि गिरफ्तारी से बचना चाहते हो जो जांच में सहयोग करना पड़ेगा। इस पर बुजुर्ग राजी हो गए।
कमरे में रहे बंद : बुजुर्ग 11 दिन तक कमरे में बंद रहे। ठग ने जांच के नाम पर पूरन राम से उनका और पत्नी का आधार कार्ड मांगा। फिर पूरन राम की पत्नी के बैंक खाते का इस्तेमाल अनाधिकृत ट्रांजेक्शन के लिए होने की बात कही। ठग ने कहा कि बैंक खातों की जानकारी देनी होगी। सब ठीक रहा तो छोड़ दिया जाएगा। कुछ देर बाद जालसाज ने उन्हें अपने बैंक अकाउंट की डिटेल देते हुए 16 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। बुजुर्ग ने छह मार्च को अपने खाते से 10 लाख और नौ मार्च को छह लाख रुपये पत्नी के खाते से आरटीजीएस किए। इसके बाद भी ठग रकम मांगता रहा। आशंका होने पर पीड़ित ने फोन काट दिया। परिचितों को घटना की जानकारी देने पर वृद्ध को ठगे जाने का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने बताया कि नंबर की जांच करने के साथ रकम फ्रीज कराने के लिए बैंक से संपर्क किया जा रहा है।