राजधानी लखनऊ में वकील अभिषेक उर्फ पवन सिंह (25) की चार दिन पहले तहसील कार्यालय में हार्ट अटैक से मौत हो गई। सदमे से उनके बड़े भाई मोनू सिंह ने भी शुक्रवार को दम तोड़ दिया। बताया गया कि छोटे भाई अभिषेक की मौत का उनको काफी गहरा सदमा लगा। इससे सुबह उनकी तबियत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई।
बंथरा में हनुमान मंदिर के पास रहने वाले लाल बहादुर के दो बेटे मोनू सिंह (46) और अभिषेक सिंह उर्फ पवन (25) थे। अभिषेक सरोजनी नगर तहसील कार्यालय में वकालत करते थे, जबकि मोनू सिंह घर पर ही मेडिकल स्टोर चला रहे थे। मोनू की शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तबीयत खराब हो गई। परिजन उन्हें पास के निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां पहुंचते ही चिकित्सकों ने मोनू को मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि अभिषेक की मौत से मोनू सिंह के ऊपर ज्यादा सदमा पड़ा और इसी से डिप्रेशन में आकर उनकी भी मौत हो गई। फिलहाल मोनू की मौत के बाद पूरे घर में मातम छाया हुआ है। मोनू की करीब 20 वर्ष पहले शादी हुई थी। उनके परिवार में अब पत्नी के अलावा पिता लाल बहादुर और मां हीरामणि हैं।
तीन दिन पहले ही हुई थी छोटे भाई अभिषेक की मौत
अभिषेक बीते सोमवार को सरोजनी नगर तहसील में पैदल चलते-चलते अचानक चक्कर आने के बाद बेसुध होकर गिर गए थे। उन्हें पीजीआई ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। बताते हैं कि अभिषेक घर में सभी लोगों के ज्यादा दुलारे थे। इसकी वजह से अभिषेक की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में आ गया। सबसे ज्यादा सदमा मोनू सिंह को लगा। वह अभिषेक की मौत के बाद से काफी परेशान थे।