हंगामा कर रहे छात्रों को समझाते पुलिसकर्मी
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बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में बुधवार रात को विवि के प्रवक्ता प्रो. कमल अग्रवाल की पिटाई के बाद बृहस्पतिवार को परिसर का माहौल दिन भर गर्म रहा। घटना से आक्रोशित स्टूडेंट्स ने प्रो. कमल अग्रवाल के समर्थन में विवि में पढ़ाई ठप करा दी।
विभागों और कार्यालय पर ताला लगवाकर स्टूडेंट्स ने प्रॉक्टर और रजिस्ट्रार को हटाने की मांग की। दिनभर परिसर में पढ़ाई और सामान्य कामकाज भी ठप रहा। कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने प्रॉक्टर विक्टर बाबू को हटाकर उनके स्थान पर प्रो. रामचंद को कार्यकारी प्रॉक्टर नियुक्त किया है।
इसके अलावा मारपीट के आरोपी आठ स्टूडेंट्स को विवि से निष्कासित कर दिया गया। विवि में बुधवार रात लगभग साढ़े नौ बजे हाई पावर कमेटी की बैठक से भाग लेकर निकले प्रवक्ता प्रो. कमल जायसवाल की कुछ स्टूडेंट्स ने पिटाई कर दी।
उन्होंने अशोका हॉस्टल में रहने वाले श्रेयात बौद्ध, संदीप गौतम, जय सिंह, रामेंद्र नरेश, अजय कुमार, संदीप शास्त्री, अश्विनी रंजन और सुमित कुमार के अलावा कुछ अन्य छात्रों पर हमला करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कुछ शिक्षकों पर हमले के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया था।
प्रो. के समर्थन में छात्रों में आक्रोश
मारपीट के दौरान स्टूडेंट्स ने प्रो. जायसवाल कार भी तोड़ दी थी। प्रो. जायसवाल की पिटाई की खबर मिलते ही उनके समर्थक छात्रों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद से हॉस्टल में बवाल शुरू हो गया था। उनके समर्थन में स्टूडेंट्स बुधवार रात से ही प्रॉक्टर व रजिस्ट्रार को हटाने की मांग पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने बृहस्पतिवार को मारपीट के आरोप में आठ छात्रों को निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया। इन स्टूडेंट्स का सामान हॉस्टल से बाहर निकालकर कमरों पर ताला डाल दिया गया। हालांकि, समर्थक स्टूडेंट्स अभी भी रजिस्ट्रार को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
दो हिस्सों में बंटा विश्विद्यालय प्रशासन
बीबीएयू में प्रवक्ता की पिटाई के बाद पूरा विवि दो फाड़ में बंट गया है। एक पक्ष रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर तथा दूसरा पक्ष प्रवक्ता की ओर था।
प्रवक्ता के पक्ष में स्टूडेंट्स ने परिसर में पढ़ाई नहीं होने दी, वहीं रजिस्ट्रार तथा प्रॉक्टर को भी कुछ स्टूडेंट्स के साथ शिक्षकों और कर्मचारियों का समर्थन देखने को मिला। पूरा दिन परिसर में पढ़ाई और कामकाज के बजाय यही हंगामा चलता रहा। दोनों गुटों के बीच काफी तनातनी देखने को मिली।
हाई पावर कमेटी और टेंडर हैं बड़ी वजह
बुधवार रात प्रो. जायसवाल विवि में हुई पावर कमेटी की बैठक से भाग लेकर निकल रहे थे। यह हाई पावर कमेटी विवि के विभिन्न टेंडर्स को लेकर बुलाई गई थी। विवि में टेंडर संबंधी कामों की जिम्मेदारी रजिस्ट्रार की होती है।
सूत्रों के अनुसार कुलपति ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए टेंडर की जिम्मेदारी वित्त अधिकारी को दे दी थी। वित्त अधिकारी ने ही अपने स्तर से टेंडर किए थे। टेंडर पर अंतिम स्वीकृति रजिस्ट्रार को ही करनी होती है।
बताया जाता है कि रजिस्ट्रार ने पास हुए टेंडर पर नियमों का हवाला देते हुए रोक लगा दी थी। इसी का निपटारा करने के लिए बुधवार को हाई पावर कमेटी की बैठक बुलाई गई थी। 12 घंटे के चली बैठक के दौरान कुछ कहासुनी हुई थी। बैठक के बाद मारपीट की घटना हो गई।
मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी
कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने प्रो. जायसवाल के साथ हुई घटना में शिक्षकों की भूमिका जांचने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। प्रो. कमल जायसवाल ने आरोप लगाया था कि स्टूडेंट्स द्वारा हमला होने के बाद विवि के कुछ शिक्षकों ने भी मारपीट के लिए उकसाया था। इस मामले में वे अप्रत्यक्ष रूप से रजिस्ट्रार पर भी आरोप लगा रहे हैं। इन सबकी जांच के लिए कुलपति ने एक कमेटी का गठन किया है।
मामले पर बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती का कहना है कि मारपीट करने वाले आठ छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है। जांच के दौरान प्रॉक्टर को छुट्टी पर रहने को कहा गया है। उनके स्थान पर फिलहाल प्रो. रामचंद को कार्यकारी प्रॉक्टर बनाया गया है।
हाई पावर कमेटी और टेंडर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। घटना में कहीं टीचर्स की भूमिका तो नहीं है, इसकी जांच करने के लिए भी एक कमेटी का गठन किया गया है।