जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक लेते जिलाधिकारी।
लखनऊ। राजधानी में मनमानी फीस बढ़ोतरी करने वाले आठ स्कूलों को शुल्क विनियमन अधिनियम के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। अभिभावकों ने इन विद्यालयों की शिकायत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में की थी। इसके बाद अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।
जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में हुई। यहां जांच में मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने के दोषी पाए स्कूलों की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने प्रस्तुत की। जिला शुल्क नियामक समिति ने अधिनियम की धारा-8 के तहत की गई जांच संबंधी रिपोर्ट के बाद दोषी स्कूलों पर कार्रवाई की अनुशंसा की। जिलाधिकारी ने दोषी स्कूलों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए नोटिस जारी करने और पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया। बता दें कि इस मामले में कुल 20 विद्यालयों के विरुद्ध 28 शिकायतें जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को मिली थीं। जांच में आठ विद्यालय दोषी पाए गए हैं। दो विद्यालयों ने अपनी त्रुटि मानते हुए बढ़ी हुई फीस को अगले माह समायोजित करने का आश्वासन दिया है।
इन स्कूलों को पाया गया दोषी, लगा जुर्माना
एलेन हाउस पब्लिक स्कूल
सीलवती आइडियल पब्लिक स्कूल
आश्रम एकेडमी, कृष्णानगर,
हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज
सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज
सेठ एमआर जयपुरिया, गोयल कैंपस
ब्राइट वे इंटर कॉलेज, सेक्टर-एच
केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल
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जिलाधिकारी की ओर से निर्देशित किया गया कि जिन आठ स्कूलों के विरुद्ध शिकायतें सही पाई गई हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की जाए। सभी विद्यालयों के प्रबंधकों को 1 जून तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
- राकेश कुमार,
जिला विद्यालय निरीक्षक