लखनऊ। बोगस फर्मों के खिलाफ जीएसटी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। जीएसटी अफसरों ने शुक्रवार को कर चोरी में आठ बोगस फर्मों के खिलाफ गुडंबा और इंदिरानगर थाने में केस दर्ज कराए हैं। इन कंपनियों ने बिजली के फर्जी बिल व किरायानामा के जरिये सीजीएसटी के तहत पंजीयन हासिल किया था।
सिहोर की व्यापारी पर 11 करोड़ की कर चोरी का आरोप
उपायुक्त राज्य कर खंड-15 भूपेंद्र कुमार सिंह ने गुडंबा थाने में पटेल इंटरप्राइजेज व उसकी स्वामी स्वाति पटेल निवासी सिहोर, मध्य प्रदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि स्वाति पटेल की घनश्याम इंटरप्राइजेज फर्म घोषित पते कुर्सी रोड पर नहीं मिली। 11 करोड़ से ज्यादा की आईटीसी पासऑन की। इतनी ही कर चोरी का अंदेशा है। कानपुर व मुंबई के व्यापारी पर भी केस
उपायुक्त राज्य कर अमरदीप वर्मा ने गुडंबा थाने में वन इंटरप्राइजेज और उसके स्वामी भावेश इंदुभाई त्रिवेदी निवासी सागर सोसायटी कानपुर के खिलाफ 7.93 करोड़ की कर चोरी में मुकदमा दर्ज कराया है। बताया गया कि सीजीएसटी में पंजीकृत यह फर्म घोषित पते कुर्सी रोड कल्यानपुर में नहीं पाई गई। इसी थाने में श्रीकांत इंटरप्राइजेज व उसके स्वामी श्रीकांत तानाजी निवासी चेंबूर मुंबई पर 9.27 करोड़ की कर चोरी का केस दर्ज किया गया। इनकी फर्म कल्याणपुर लखनऊ में पंजीकृत है।
मुंबई व गुजरात के व्यापारी ने लगाया 28 करोड़ का चूना
उपायुक्त राज्य कर सुभाषचंद्र यादव खंड 22 ने गुडंबा थाने में बोगस कंपनी एसएम इंटरप्राइजेज और उसके स्वामी आनंद मनोहर उम्बार्जे निवासी चेंबूर मुंबई पर 17.22 करोड़ की कर चोरी का केस दर्ज कराया है। सीजीएसटी पंजीयन में फर्म का पता कल्याणपुर लखनऊ बताया गया, जिसने फर्जी बिजली बिल के जरिये सीजीएसटी से पंजीयन लिया गया था। बिना खरीद के ही आईटीसी क्लेम की थी। इसी थाने में केश्ना इंटरप्राइजेज और संचालक किशोरी प्रवीन भाई बाबू भाई निवासी दाहोद, गुजरात पर 10.98 करोड़ की कर चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया।