लखनऊ। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल. की ओर से हजरत अली को अपना जांनशीन बनाए जाने की याद में ईद-ए-गदीर 15 जून को अकीदत से मनाई जाएगी। इस दिन शहर की 110 मस्जिदों में ईद-ए-गदीर की नमाज होगी। इमामबाड़ों, कर्बला, मस्जिदों व घरों में महफिलों का आयोजन होगा। इसको लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
तैयारियों को लेकर शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी की अध्यक्षता में आयतुल्लाह सैय्यद सादिक हुसैनी शिराजी के कार्यालय पर बैठक हुई। मौलाना ने कहा कि ईद ए गदीर, ईद उल फित्र, ईद उल अजहा और जुमा के बीच चांद की तरह होगा। इस दिन गुस्ल करना, दो रकात नमाज पढ़ना, दुआए नुदबा पढ़ना, नए कपड़े पहनना, इत्र लगाना, मुस्कुराते हुए लोगों से मिलना बड़ा सवाब है। इस दिन का रोजा 60 वर्ष के गुनाहों का कफ्फारा है। 15 जून को ईद ए गदीर से लेकर 21 जून ईद मुबाहिला तक हफ्ता ए विलायत के तौर पर मनाया जाना चाहिए।