गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के आने से पहले इसे लेकर काफी भ्रांतियां बनीं। लोगों को आशंका रही कि जीएसटी आने के बाद उनका खर्च काफी बढ़ जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञ इसे केवल नया कानून लागू होने जैसा डर मान रहे हैं।
उनका कहना है कि कुछ मामूली खर्च जेब पर मध्यम वर्ग के बढ़ेगा लेकिन यह 1000 रुपये से लेकर 2000 रु पये तक है। ऐसे में 36,000 रुपये से लेकर 77,000 रुपये खर्च करने वाले परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी बहुत अधिक नहीं है।
परिवारों को अगर चिंता है तो वह यह है कि उनके बच्चों की उच्च शिक्षा महंगी हो जाने वाली है। वहीं होम लोन पर आने वाले नए टैक्स से राहत कम होगी। अभी तक होम लोन की दरें कम होने से ईएमआई कम हुई थी।
लेकिन, जीएसटी के पूर्व टैक्सों की तुलना में तीन प्रतिशत तक अधिक होने से होम लोन की ईएमआई अब बढ़ जाएगी। इससे मासिक किस्त भी बढ़ जाएगी। हालांकि, घरेलू वाहन पर आने वाली ईएमआई व खर्च पहले की तुलना में घट रहा है।