फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: सर... आठ वर्ष से दे रहे 4,500 रुपये, शिकायतें हुईं अनसुनी

विज्ञापन
कार्यक्रम में बोलतीं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी।
विज्ञापन
केस-1
विज्ञापन


निजी स्कूल प्रबंधक कह रहे शिक्षा भवन से सूची नहीं आई
राजेंद्र नगर स्थित एक निजी स्कूल में अभिभावक शिखा श्रीवास्तव के बच्चे का आरटीई के तहत प्रवेश के लिए चयन हुआ है। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधक अभी तक छह बार दौड़ा चुके हैं, लेकिन प्रवेश नहीं लिया है। प्रबंधक कह रहे हैं कि शिक्षा भवन से सूची नहीं मिली है, जिससे हम बच्चे को दाखिल दें।
केस-2
एक मार्च से लगातार दौड़ रहे नहीं मिला प्रवेश

मलिहाबाद स्थित एक निजी विद्यालय में अभिभावक मेनाज के बच्चे का प्रवेश के लिए आरटीई के तहत चयन हुआ था। मेनाज ने बताया कि वह एक मार्च से लगातार दौड़ रहीं हैं, लेकिन प्रवेश नहीं मिला। अब स्कूल प्रबंधक का कहना है कि 50 फीसदी फीस देंगे तभी हम दाखिला लेंगे।
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। सर... आठ वर्ष पहले मेरे बड़े बेटे का चयन शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूल में हुआ। स्कूल के प्रबंधक ने दाखिला देकर एक पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए और फिर हर वर्ष 4500 रुपये वसूलते रहे। इसकी शिकायतें भी कीं, लेकिन इंसाफ कहीं नहीं मिला। अब मेरे दूसरे बच्चे का भी चयन आरटीई से तहत हुआ है। इस बार भी निजी विद्यालय के प्रबंधक रुपये की मांग कर रहे हैं।
ये पीड़ा है राजाजीपुरम निवासी एक महिला अभिभावक की। उन्होंने मंगलवार को बीएसए दफ्तर पहुंचकर गठित समिति से शिकायत दर्ज कराई। वैसे, यह कोई पहला मामला नहीं है, पहले ही दिन ही बीएसए दफ्तर में आरटीई के तहत दाखिला न मिलने की 50 शिकायतें पहुंचीं। अब देखना यह होगा कि समिति इन शिकायतों का कब और कैसे निस्तारण करती हैं, जिससे 10 हजार बच्चों को समय रहते निजी स्कूलों में प्रवेश मिल जाए।
विज्ञापन


अभिभावकों की शिकायतें एक सप्ताह तक समिति दर्ज करेगी। इसके बाद इनका निस्तारण किया जाएगा। जो भी निजी स्कूल आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं देंगे उनकी रिपोर्ट डीएम के समक्ष रखी जाएगी। फिर जो निर्णय होगा, उसी आधार पर कार्रवाई होगी। उद्देश्य ये है कि चयनित बच्चों को समय से दाखिला मिल सके।
राम प्रवेश, बीएसए।

कार्यक्रम में बोलतीं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें