बैंकों से फ्रॉड करने के मामलों की जांच की कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कानपुर के तीन कारोबारियों की फैक्ट्री समेत घरों व अन्य प्रतिष्ठानों पर छापे मारे। जिन तीन लोगों के यहां ईडी ने छापे मारे है, उनमें कारोबारी इरशाद आलम व उनके भाई के अलावा राजनीति से जुड़े मेहताब आलम भी शामिल हैं।
ईडी ने यह कार्रवाई कारोबारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर की है। इन पर फ्रॉड कर विभिन्न बैंकों से 56 करोड़ रुपये का लोन लेने के मामले दर्ज हैं। छापे में कई संपत्तियों के कागजात हाथ लगे। ये संपत्तियां इरशाद और उनके परिवारीजनों के नाम हैं।
सीबीआई की लखनऊ ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने भी मेसर्स हमीद लेदर फिनिसर्श और मेसर्स हमीद संस एक्सपोर्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। केस के मुताबिक इन दोनों फर्मों के नाम पर इलाहाबाद बैंक से 31.60 करोड़, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 13.66 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा से 8.20 करोड़ और बैंक ऑफ इंडिया से 4.02 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था। यानि चारों बैंकों से कुल 56 करोड़ रुपये का लोन लिया गया।