प्रवर्तन निदेशालय ने माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी शादाब उर्फ डंपी को बुधवार को लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास से गिरफ्तार कर लिया। वह मुख्तार की कंपनी विकास कंस्ट्रक्शन से जुड़ा था और भारत संचार निगम लिमिटेड के मोबाइल टॉवरों में डीजल की आपूर्ति का काम करता था। विकास कंस्ट्रक्शन के खिलाफ ईडी की जांच शुरू होने पर वह दुबई भाग गया था। दुबई से वापस आने के बाद बुधवार को वह मुंबई से लखनऊ आया, जहां मौजूद ईडी की टीम ने उसे दबोच लिया।
ईडी, लखनऊ की टीम ने उसे गिरफ्तार करने के बाद राजधानी स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश किया, जिसके बाद उसे 3 नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। ईडी की ओर से उसे कस्टडी रिमांड पर देने की अर्जी भी पेश की गई, हालांकि उस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक शादाब बीएसएनएल में मुख्तार का खौफ दिखाकर डीजल आपूर्ति के ठेकों को हथिया लेता था। इसमें होने वाला मुनाफा मुख्तार को मिलता था। वह मुख्तार के आईएस 191 गैंग के सदस्यों में शामिल है। उस पर बीएसएनएल में हुए सात करोड़ रुपये के डीजल घोटाले को अंजाम देने का भी आरोप है।
तीन साल तक करते रहे घोटाला
विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी की आड़ में वर्ष 2013 से 2015 तक मुख्तार अंसारी गैंग ने गाजीपुर जिले में बीएसएनएल के मोबाइल टॉवरों में डीजल सप्लाई का काम लिया था। बाद में सामने आया कि करीब 7 करोड़ रुपये का भुगतान बिना डीजल की आपूर्ति किए हो गया। इसमें विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की सांठगांठ की आशंका भी जताई गई थी।
ईडी की प्रयागराज यूनिट ने इस प्रकरण की जांच शुरू की थी, जिसके बाद वर्ष 2022 में शादाब को नोटिस भेजकर तलब किया था, हालांकि वह पेश होने की जगह दुबई भाग गया। ईडी ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल किया था। बुधवार को उसके मुंबई से वापस आने की सूचना पर एयरपोर्ट से धर लिया गया।