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Lucknow News: ईको फ्रेंडली पटाखे पहली पसंद, 50 फीसदी बढ़ीं कीमतें

Wed, 30 Oct 2024 03:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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पंकज विश्वकर्मा
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लखनऊ। शहर में 70 जगहों पर पटाखों का बाजार सज चुका है। काकोरी के थोक पटाखा बाजार में इकोफ्रेंडली पटाखों की मांग लगातार बनी हुई है। कम आवाज वाले ट्रैकिंग कोकोनट और गोल्डन छतरी की भी खूब मांग है। यह आसमान में पहुंचकर लाल, हरे व पीले रंग की रोशनी बिखेरता है। उधर, डिजिटल पटाखे भी बाजार को रोमांचित कर रहे हैं, जो आसमान में 150 मीटर की दूरी तक जाकर रंग-बिरंगी गोलियां छोड़ता है।

दुबग्गा के हरदोई रोड पर आतिशबाजी के थोक बाजार में इस बार तेज धमाके वाले पटाखे गायब हो गए हैं। पिछली बार के मुकाबले 50 फीसदी दाम बढ़ने के बावजूद लोग इन्हें हाथों हाथ ले रहे हैं। दावा है कि इनसे 30 प्रतिशत तक कम प्रदूषण होता है। लखनऊ आतिशबाजी व्यापार कल्याण समिति के अध्यक्ष महेश गुप्ता के मुताबिक, ईकोफ्रेंडली रॉकेट मल्टी थ्री, 20 शॉट, चरखी, अनार, 12 स्टार, मल्टी शॉट, किंडर जॉय और अनार चक्कर के साथ फुलझड़ियां व एक हजारा शॉट पटाखे लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं।
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इसके अलावा बटरफ्लाई, एरिंगव्हील, अवतार (50), जुगनू प्लस, स्पाइडर व्हील जैसे पटाखे भी पसंद किए जा रहे हैं। उधर, टिकटॉक, रियो थ्रीडी, मेला और गैस सिलिंडर ग्रेनाइट मॉकटेल भी लोगों को पसंद आ रहे हैं। डिब्बे पर क्यूआर कोड स्कैन कर ईको फ्रेंडली पटाखे की पहचान की जा सकती है।

डिजिटल व क्यूआर कोड वाले पटाखे पसंद

पटाखा कारोबारी इमरान बताते हैं कि डिजिटल व क्यूआर कोड वाले पटाखे युवाओं के लिए खास तौर पर मंगाए गए हैं। इसमें डिजिटल पटाखा की खासियत यह है कि यह आसमान में 150 मीटर तक जाकर रंग-बिरंगी गोलियां छोड़ता है।
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800 के कॉम्बो पैक से लेकर 5000 तक के पटाखे

लखनऊ आतिशबाजी व्यापार कल्याण समिति के महामंत्री सतीश चंद्र मिश्रा का कहना है कि बारूद समेत कई अन्य उत्पाद महंगे हो गए हैं। कंपनियों ने उत्पादन आधा कर दिया है। बच्चों का कॉम्बो पैक 800 से लेकर पांच हजार रुपये तक है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक स्टोन, हनुमान गदा, बेबी रॉकेट, कॉलर सावर व स्काई शॉट समेत 25 से अधिक प्रकार के पटाखे हैं। पटाखा मंडी के कारोबारी बताते हैं कि पटाखों के मुख्य बाजार तमिलनाडु के शिवाकाशी में बारिश होने से फैक्टरियां बंद रहीं, जिससे 50 फीसदी ही आपूर्ति हुई है, इससे इस बार पटाखे महंगे हैं।
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