प्यूठान निवासी व हिंदू संगठनों से जुड़े पीर रतननाथ मंदिर के पीर योगी ब्रह्मनाथ के अनुसार नेपाल की पहचान लंबे समय तक हिंदू राष्ट्र के रूप में रही है। उनका कहना है कि हिंदू राष्ट्र की मांग अब संसद और सड़क दोनों स्तरों पर उठ रही है। नेपाल को अपनी सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप आगे बढ़ना चाहिए।
सुनसरी हिंसा पर पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ने जताई चिंता
नेपाल के सुनसरी में भड़की हिंसा के बाद पूर्व राजा ज्ञानेंद्र वीर विक्रम शाहदेव ने देश के बिगड़ते सामाजिक माहौल पर चिंता जताई है। निर्मल निवास स्थित संवाद सचिवालय की ओर से 30 जुलाई को जारी सद्भाव संदेश में उन्होंने सभी समुदायों से भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। कहा, नेपाल की बहुजातीय, बहुभाषिक और धार्मिक-सांस्कृतिक विविधता उसकी विशिष्ट पहचान है। सदियों से विभिन्न जाति-समुदाय, धर्म और संस्कृतियों के लोग मिल-जुलकर रहते आए हैं। यही नेपाल के सम्मान का आधार है। उन्होंने सुनसरी के कुछ गांवों में हुए विवाद और हिंसा में जन-धन की क्षति पर दुख जताया। कहा, तनाव का कोशी क्षेत्र और तराई के अन्य हिस्सों तक फैलना चिंताजनक है। ऐसी घटनाएं नेपाल की मौलिक मान्यताओं और सामाजिक मूल्यों के विपरीत हैं।