प्रदेश के छह जिलों में ई-गवर्नेंस योजना की सफलता के बाद अब इसे बाकी 69 जिलों में भी लागू किया जाएगा।
इसके लिए जिलों को दो जोन में बांटा जाएगा। मंगलवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में योजना को अमली जामा पहनाने की रणनीति तय की गई।
ई-गवर्नेंस के अंतर्गत नौ विभागों की 26 सेवाएं जनसेवा केंद्रों, लोकवाणी केंद्रों व जन सुविधा केंद्रों के जरिये उपलब्ध कराई जाती हैं।
राज्य स्तरीय एपेक्स कमेटी की बैठक में मुख्य सचिव को सीतापुर, रायबरेली, गोरखपुर, सुल्तानपुर, गाजियाबाद व गौतमबुद्ध नगर में ई-गवर्नेंस सेवा की सफलता की जानकारी दी गई।
बैठक में बाकी 69 जिलों को दो जोन में बांट कर योजना को लागू करने का फैसला हुआ। जोन-1 में 35 व जोन दो में 34 जिले शामिल हैं।
ई-गवर्नेंस के जरिये उपलब्ध कराई जा रही 26 सेवाओं के सरलीकरण के लिए सलाहकार एजेंसी अर्नेस्ट एंड यंग ने रिपोर्ट उपलब्ध कराई है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों निर्देशित किया कि योजना को समयबद्ध ढंग से लागू करने के लिए रिपोर्ट के सुझावों पर विचार कर शासनादेश जारी किया जाए।