लखनऊ। राजधानी में हॉटस्पॉट इलाकों की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन पुलिस व प्रशासन की सख्ती और निगरानी न होने से लोग खुलेआम सील इलाके में घूम रहे हैं, बल्लियों के नीचे से झुककर निकल रहे हैं। निराला नगर, डालीगंज का जोशी टोला, फूलबाग समेत अन्य हॉटस्पॉट इलाके का यही हाल है। मालूम हो कि मई के आखिर सप्ताह तक महज सात हॉटस्पॉट इलाके थे। लेकिन राजधानी के अनलॉक होते ही जैसे ही सड़कों और बाजारों में भीड़ उमड़ी तो कोरोना के मामले भी तेजी से बढ़ने लगे। इसका नतीजा यह हुआ कि बृहस्पतिवार तक हॉटस्पॉट इलाकों का आंकड़ा 28 पहुंच गया। स्वास्थ्य विभाग हॉटस्पॉट बनाए जाने की संस्तुति करने के बाद आंख मूंद ले रहा है। सील इलाके में पुलिसकर्मियों के तैनात न होने से लोग धड़ल्ले से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में हॉटस्पॉट इलाके में मरीजों की तादाद बढ़ने संग संक्रमण की नई चेन बन रही है। सीएमओ डॉ. नरेंद्र के मुताबिक, हॉटस्पॉट बनाए जाने की संस्तुति विभाग करता है। वहां पर सख्ती से अनुपालन कराए जाने का काम प्रशासन व पुलिस विभाग का है। हॉटस्पॉट इलाकों में कोई भी छूट नहीं दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन को पत्र भेजकर सख्ती बरतने को कहा जाएगा। शासन के निर्देशानुसार अब किसी अपार्टमेंट में एक या एक ही परिवार के एक या इससे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज पाए जाते हैं तो अपार्टमेंट को अब 21 दिन के बजाय केवल 14 दिन के लिए सील किया जाएगा। इसी तरह शहरी क्षेत्र के किसी मोहल्ले में एक या एक से ज्यादा लोग संक्रमित पाए जाएंगे तो 500 मीटर की जगह केवल 250 मीटर के एरिया को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया जाएगा।