लखनऊ। डीजीपी मुख्यालय स्थित यातायात निदेशालय के आईटी सेल में तैनात सिपाही ने पैसों के लालच में जनवरी-2024 से अब तक 116 चालान डिलीट कर दिए। इसका खुलासा होने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। अफसरों के आदेश पर मंगलवार को उसके खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
लखनऊ ट्रैफिक पुलिस लाइन में दरोगा आनंद कुमार मौजूदा समय में यातायात निदेशालय में आईटी सेल प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं। 25 अक्तूबर को जनपद एडमिन उन्नाव ने उनके साथ तैनात सिपाही आदित्य दुबे को मोबाइल फोन पर जानकारी दी कि 24 अक्तूबर को वाहन (यूपी 35 क्यू 7005) का चालान यातायात निदेशालय की यूजर आईडी uptpnic.in से डिलीट किया गया है। इसका पता चलने पर जानकारी हुई कि इस तरह का काम निदेशालय स्तर नहीं होता है।
इस संबंध में एनआईसी से पत्राचार किया गया। जानकारी मिली कि यातायात निदेशालय की उक्त आईडी uptpnic.in से जनवरी से अब तक 116 चालान डिलीट किए जा चुके हैं। यातायात निदेशालय की जांच में पता चला कि यह काम आईटी सेल में तैनात सिपाही अजय शर्मा ने किया था। इसके बाद उसको निलंबित कर दिया गया। मामले की जानकारी के बाद निदेशालय के अफसरों के आदेश पर मंगलवार को दरोगा आनंद कुमार ने तहरीर देकर सिपाही के खिलाफ केस दर्ज कराया।
सभी जिलों के चालान की होगी जांच : एडीजी
एडीजी यातायात के. सत्यनारायण ने बताया कि शिकायत मिलने पर एनआईसी से चालान के डाटा का सत्यापन कराया गया था, जिसमें पता चला कि पैसों के लालच में सिपाही ने 116 चालान डिलीट कर दिए थे। इन चालान से करीब 2.50 लाख रुपये जुर्माना वसूला जाना था। आईजी की जांच के बाद सिपाही को निलंबित कर श्रावस्ती वापस कर दिया गया था। जब मैंने यातायात निदेशालय का कार्यभार ग्रहण किया तो इसकी जानकारी मिलने पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया था। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में होने वाले चालान की जांच कराए जाने का भी आदेश दिया है।