नगराम। जून के मध्य में धान की नर्सरी तैयार करने का महत्वपूर्ण समय है। नहरों में पानी न आने से किसान चिंतित हैं। नर्सरी पिछड़ने से धान का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
नगराम क्षेत्र में नहरें सूखी पड़ी हैं, जिससे किसान परेशान हैं। वे सिंचाई के लिए निजी पंपसेटों पर निर्भर हैं। इससे उनकी खेती की लागत बढ़ रही है। मुकुंदखेड़ा निवासी किसान मलखान सिंह, अमेठियन पुरवा गांव के किसान मुन्नू सिंह का कहना है कि नहरे सूखी होने से सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। शारदा सहायक नहर सिंचाई खंड-28 के अधिशासी अभियंता नवनीत कुमार ने बताया कि मरम्मत के कारण नहर अस्थायी रूप से बंद थी। इसी सप्ताह हेड से पानी छोड़े जाने की संभावना है।