सिंगापुर की तर्ज पर प्रदेश के शहरों में भी ‘पर्सनलाइज्ड ट्रांजिट सिस्टम’ के तहत ‘ड्राइवर लेस पॉड’ (बिना चालक की कार) चलाने की योजना सरकार बना रही है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसका प्रजेंटेशन देखने के बाद कहा कि सबसे पहले परियोजना की स्वीकार्यता और फिजिबिलिटी का अध्ययन कराया जाए।
‘पर्सनलाइज्ड ट्रांजिट सिस्टम’ से जुड़ी सिंगापुर की एक कंपनी ने बुधवार को मुख्यमंत्री के सामने इस सिस्टम का प्रजेंटेशन दिया। बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सुगम और सुविधाजनक यातायात का साधन उपलब्ध कराना चाहती है। इसके लिए मेट्रो के अलावा अन्य विकल्पों की भी तलाश की जा रही है।
इस सिस्टम पर कोई भी कदम आगे बढ़ाने में शहरों में इसकी जरूरत के बारे में अध्ययन कर लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव आवास मुकुल सिंघल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह, लखनऊ मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव आवास मुकुल सिंहल ने बताया कि पीआरटी के तहत चलने वाली ड्राइवर लेस पॉड (कार) सड़क पर नहीं बल्कि, कॉलम पर बने हुए स्ट्रक्चर पर चलेगी और यह यात्रियों द्वारा बटन दबाने पर स्वत: उनके पास पहुंच जाएगी। यह ‘ऑलवेज ऑन, ऑलवेज अवेलेबल’, के आधार पर कार्य करेगी और यात्री को अपने गंतव्य तक नॉन स्टॉप पहुंचाएगी। यह विश्व का सबसे आधुनिकतम ट्रांसपोर्ट सिस्टम है।