लखनऊ। आलमनगर की अशोक विहार काॅलोनी में बुधवार रात एक चालक ने सूदखोर से त्रस्त होकर फांसी लगा ली। देर रात जब उनकी मां की नींद खुली तो बेटा फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पुलिस ने छानबीन कर शव कब्जे में ले लिया और बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा।
मूल रूप से रायबरेली निवासी दुर्गेश कुमार अवस्थी (48) अशोक विहार काॅलोनी में पत्नी प्रीति, तीन बेटियों नित्या, पारुल व अंशिका और मां के साथ रहते थे। बुधवार को प्रीति सुल्तानपुर में अपनी एक रिश्तेदार के घर गईं थीं। तीनों बेटियां व मां घर पर थीं। दुर्गेश रात में अपने कमरे में सो रहे थे।
देर रात करीब दो बजे उनकी मां की नींद खुली। जब वह दुर्गेश के कमरे में गईं तो वह फांसी के फंदे पर लटके मिले। पुलिस को सूचना देने के साथ ही दुर्गेश को फंदे से उतारकर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मौत हो चुकी है।
डेढ़ लाख चुकाते-चुकाते खत्म हो गई जिंदगी
दुर्गेश पिकअप चलाते थे। उससे जो कमाई होती थी, उसी से परिवार की गुजर-बसर होती थी। उनकी मौत से पूरे परिवार को दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाएगा। भाई सनी ने बताया कि दुर्गेश ने एक सूदखोर से डेढ़ लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। काफी समय से वह बस ब्याज ही भर रहे थे। कुछ दिनों से ब्याज नहीं दे पा रहे थे। इस वजह से वो लोग परेशान कर रहे थे। यहां तक कि प्रीति से भी अनाप-शनाप बोलते थे। इसी वजह से दुर्गेश ने आत्महत्या कर ली। एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा का कहना है कि तहरीर मिलेगी तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।