परिवहन निगम की बस में अलीगढ़ और अयोध्या के बाद एक बार फिर बेटिकट यात्री सफर कराने के खेल का खुलासा हुआ है। यह घटना गाजियाबाद परिक्षेत्र के बुलंदशहर की है। यहां पर चेकिंग दस्ते ने जांच की तो बस में चालक और परिचालक 55 यात्री बेटिकट लिए जा रहे थे। इन यात्रियों ने किराया तो दे दिया था पर परिचालक ने टिकट किसी को नहीं दिए थे। घटना में चालक और परिचालक को नौकरी से बर्खास्त करते हुए दो अन्य कर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है।
परिवहन निगम मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया की डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत पर चेकिंग टीम का गठन कर क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह ने बीते मंगलवार को जांच कराई थी। एके सिंह ने बताया कि बस में 82 यात्री सवार थे, लेकिन उनमें से 55 के पास टिकट नहीं था। भ्रष्टाचार के इस मामले पर चालक राजीव कुमार और परिचालक सन्नी कुमार की संविदा सेवाएं खत्म करते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।
जबकि बसों की जांच करने की जिम्मेदारी जिन सहायक यातायात निरीक्षक धर्मेंद्र सिरोही बुलंदशहर डिपो और राम रतन सिकंदराबाद डिपो को सौंपी गई थी, इस लापरवाही के लिए दोनों को निलंबित कर दिया गया, जो निगम के नियमित कर्मचारी है। पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।