सीताद्वार स्थित लवकुश पार्क में देखरेख के अभाव में छाई वीरानी।
इकौना (श्रावस्ती)। टंडवा महंथ ग्राम स्थित सीताद्वार की पहचान पर्यटन व धर्मस्थली के तौर पर है। इन दिनों सीताद्वार स्थित लवकुश पार्क में लगे हैंडपंप खराब होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मान्यता है कि परित्याग के बाद माता जानकी ने यहीं सीताद्वार झील किनारे स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में शरण ली थी। जहां लवकुश का जन्म हुआ। लवकुश ने यहीं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अश्वमेघ यज्ञ का घोड़ा रोका था। इसे पहचान दिलाने के लिए उद्यान विभाग ने माता जानकी व महर्षि वाल्मीकि मंदिर के पीछे लवकुश पार्क की स्थापना कराई थी। जहां देखरेख के अभाव में झूले आदि खराब हो रहे हैं। वहीं परिसर में लगे हैंडपंप भी खराब हो चुके हैं। जिसके लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। एसडीएम ओमप्रकाश ने बताया कि जल्द खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाएगी।