साढ़े चार दशक बाद लखनऊ में मेडिकल सुविधाएं कैसी दिख रही हैं?
(गर्मजोशी से) मैं बहुत उत्साहित हूं। लखनऊ ने बीते कुछ सालों में मेडिकल सुविधाओं के विकास में बहुत काम किया है।
मैं जब यहां से गया था तो देश में हृदय रोगों के आधुनिकतम इलाज लाने का सपना लेकर गया था।
1987 में दिल्ली लौटने और वहां काम करने के बाद अब लखनऊ के लिए भी वैसा ही काम करने का समय आ गया है।
बढ़ रही हैं मरीजों की संख्या
लखनऊ में हृदय रोगियों को लेकर आपने क्या महसूस किया?
बात केवल लखनऊ की नहीं है। पूरे देश में हृदय रोगियों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है।
हृदय रोगों के साथ-साथ डायबिटीज भी परेशानी पैदा कर रहा है। कैंसर व लिवर और किडनी की बीमारियां चुनौतीपूर्ण रूप से बढ़ गई हैं।
मुझे इन सभी के खिलाफ प्रदेश में एक ऐसा केंद्र विकसित करना है जहां कम खर्च में विश्व की सबसे अच्छी गुणवत्ता का इलाज मिल सके।
मेदांता में मिलेगा आधुनिक इलाज
मेडिकल सुविधाओं में कितना आधुनिकीकरण आएगा?
दुनिया भर में मेडिकल साइंस में जो सबसे आधुनिक इलाज और तकनीकें उपलब्ध हैं, वे 1000 बेड के मेदांता अवध हॉस्पिटल में मिल सकेंगी।
रोबोटिक सर्जरी, हाईब्रिड ऑपरेटिंग सुइट, साइबर नाइफ, बाईपास, सभी में लेटेस्ट उपकरणों से इलाज की सुविधा यहां मिलेगी।
इसके अलावा 3 डी और 4 डी अल्ट्रा साउंड, पेट-सीटी, गामा कैमरा, डिजीटल मेमोग्राफी आदि सुविधाएं होंगी।
मेदांता अवध में स्वास्थ्य सुविधाएं कब से मिल सकेंगी?
मेदांता अवध दो वर्ष के भीतर सक्रिय हो जाएगा। मैं चाहूंगा कि इसका फायदा हर व्यक्ति को जल्द से जल्द मिले। दस साल पहले मुलायम सिंह से इस बारे में बात हुई थी। अब हम इसे साकार करने की दिशा में बढ़ चले हैं।