डॉ.शहनवाज ने देश में आईएम की गतिविधियां संचालित कर रहे तहसीन अख्तर की जगह ले ली है। अब वो आईएम के नए माड्यूल की भर्तियां कर रहा है।
खुफिया एजेंसियों को पुख्ता सुराग मिले हैं कि शहनवाज काठमांडू को बेस बनाकर यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के युवाओं को बरगलाने का काम कर रहा है।
उसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से संपर्क कर करीब दो दर्जन युवाओं को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजा है। हाल ही में पकड़े गए आतंकियों से मिली जानकारियों के बाद खुफिया एजेंसियां शहनवाज के सूत्र तलाश करने की मुहिम में जुट गई हैं।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि सितंबर 2008 में दिल्ली में बाटला हाउस मुठभेड़ के बाद वह देश से भाग गया था। वह इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) एक्सपर्ट है।
उसे सिमी व इंडियन मुजाहिदीन के बीच की कड़ी भी माना जाता है। खुफिया सूत्रों ने बताया कि यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद देश में आईएम की कमर टूट गई थी।
शहनवाज ने ही 2009 में शारजाह में आईएम लीडर आमिर रजा खान, इकबाल भटकल और उसके भाई रियाज भटकल को साथ लेकर फिर से संगठन को मजबूती देना शुरू किया।
बाद में आमिर रजा खान की मदद से संगठन ने आईएसआई की मदद से पाकिस्तान के कराची में बेस बना लिया।
खुफिया सूत्रों ने बताया कि यासीन भटकल और असदउल्ला अख्तर की गिरफ्तारी के बाद देश में आईएम की कमान तहसीन अख्तर उर्फ मोनू ने संभाल ली थी।
हालांकि, बदले हालातों में खुफिया एजेंसियों के पास डॉ. शहनवाज का नाम नए लीडर के रूप में उभरकर आया है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक उसने काठमांडू को बेस बनाया है और वहीं से आईएसआई और माओवादियों को असलहे उपलब्ध कराने के अलावा जाली करेंसी की सप्लाई भी करा रहा है।
इस खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां उसके नए सूत्रों को तलाशने में जुट गई है।