लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने बीएएलएलबी के छात्रों के लिए आगामी सत्र के प्रवेश को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यार्थियों ने पिछले सत्र का मेस शुल्क नहीं जमा किया है, उन्हें नए सत्र में पंजीकरण की अनुमति नहीं दी जाएगी। कुलसचिव गिरिजेश कुमार त्यागी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पंजीकरण के समय छात्रों को पूर्व बकाया के साथ वर्तमान सत्र का पंजीकरण शुल्क, छात्रावास शुल्क, पुस्तकालय शुल्क और मेस शुल्क भी एकमुश्त जमा करना होगा।
द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए कुल शुल्क 1.85 लाख रुपये, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के लिए 1.48 लाख रुपये तथा पंचम वर्ष के लिए 1.08 लाख रुपये तय की गई है। सभी छात्रों को 40 हजार रुपये मेस शुल्क के रूप में देना अनिवार्य होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी और 30 जुलाई तक बिना विलंब शुल्क के चलेगी। 31 जुलाई से 6 अगस्त तक शुल्क जमा करने पर 500 और 7 से 13 अगस्त के बीच 1000 रुपये विलंब शुल्क देना होगा। छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया अगस्त से शुरू की जाएगी।