लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू सरकार की देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाले अनुच्छेद-370 के खिलाफ शंखनाद किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भाजपा सरकार ने वर्ष 2019 में कश्मीर में अनुच्छेद-370 को समाप्त कर उनके सपनों को साकार किया। कश्मीर में भी संविधान लागू किया। मुखर्जी भारत माता के महान सपूत, प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और शिक्षाविद थे।
मुख्यमंत्री देश के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सिविल अस्पताल स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बंगाल को जब पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की साजिश हो रही थी, तब मुखर्जी इसके खिलाफ खड़े हुए। आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है तो इसके लिए जिन महान नेताओं ने खुद को समर्पित किया, उसमें डॉ. मुखर्जी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में खाद्य नीति व उद्योग नीति को प्रमुखता से लागू किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार पश्चिम बंगाल में डॉ. मुखर्जी से जुड़े स्थलों के पुनरुद्धार का कार्य कर रही है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, कपिलदेव अग्रवाल, विधायक नीरज बोरा, एमएलसी मुकेश शर्मा, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
सिविल अस्पताल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद सीएम व अन्य।
सिविल अस्पताल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद सीएम व अन्य।
सिविल अस्पताल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद सीएम व अन्य।
सिविल अस्पताल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद सीएम व अन्य।
सिविल अस्पताल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद सीएम व अन्य।