वृद्धावस्था अच्छा हो इसके लिए महिलाओं को 35 साल की उम्र से ही सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि 45 से 50 के दौरान मासिक धर्म बंद होने (रजोनिवृत्ति) के कारण होने वाले बदलाव से शरीर में बीमारियां घर बनाने लगती हैं।
समय रहते जीवनशैली, खानपान सुधार लिया जाए तो बीमारियों से बचा जा सकता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी के सहयोग से विश्व मेनोपॉज दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को ये जानकारी डॉ. मनिंदर आहूजा ने दी।
इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. मंनिदर आहूजा ने कहा कि ‘मेनटेन योर मिड एज, एन्जॉय योर ओल्ड एज।’ यानि 35 वर्ष की उम्र से ही महिला को खुद को बीमारियों से बचाने का प्रयास शुरू कर देना चाहिए।
इसमें सबसे जरूरी रोजाना व्यायाम, हरी सब्जियां, फलों का सेवन, जीवनशैली में बदलाव है। व्यायाम के साथ योग को भी जीवनशैली में शामिल किया जा सकता है।
लेकिन इसमें यह जरूरी है कि महिला कोई भी योग प्रशिक्षित व्यक्ति की देखरेख में ही करे, क्योंकि महिला को स्पांडलाइटिस, रीढ़ की हड्डी या अन्य दिक्कते हैं तो उसे गलत तरीके से योगा करने में नुकसान भी हो सकता है।
महिलाओं के लिए हड्डियों की देखरेख करना जरूरी
दवाइयां
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इसके अलावा महिला को अपनी हड्डियों की देखरेख भी करना जरूरी है। बीएमडी जांच से हड्डी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। यदि शरीर में कैल्शियम की कमी होगी तो हड्डियां कमजोर होंगी।
ऐसे में महिला को अतिरिक्त कैल्शियम देकर व खानपान में सुधार की सलाह देकर स्वस्थ किया जा सकता है। डॉ. मनिंदर आहूजा ने इस मौके पर मौजूद महिला चिकित्सकों को योग के कई आसन भी सिखाए गए। इस मौके पर आईएमए पास्ट प्रेसीडेंट रुखसाना खान, प्रेसीडेंट इलेक्ट डॉ. पीके गुप्ता, केजीएमयू की डॉ. उर्मिला सिंह भी मौजूद थीं।
एक्सरसाइज को बनाएं आदत
-रोजाना कम से कम 30 मिनट या फिर हफ्ते में पांच बार टहलना
-वार्म अप के लिए पहले 5-10 मिनट पैदल चलें
-वॉकिंग 30 कदम के 4 सेट, 120 कदम से शुरुआत करें
-कदम गति 2 कदम प्रति सेकंड रखें, धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 30 कदम के 10 सेट करें
-कसरत धीरे-धीरे बढ़ाएं, 10 पाउंड से 25 पाउंड तक
-जॉगिंग, रस्सी कूदना, सीढ़ी चढ़ना-उतरना उपयोगी है
-लेग प्रेस, सिंगल डंबल प्रेस व कदम ताल के 6 से 8 सेकेंड करें, 45 सेकेंड आराम करें
-पेट की मांसपेशियों के लिए कर्लअप व फिजियो बॉल पर लेटकर दोनों भुजाओं को पीछे की तरफ खींचे इससे स्पाइन का पॉश्चर सही हो जाता है
- रोजाना कम से कम 1500 एमजी कैल्शियम का सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है
-अपनी लंबाई के अनुसार वजन को नियंत्रण में रखें
-धूम्रपान, एल्कोहल का सेवन न करें