लखनऊ। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विवि में उर्दू के विभागाध्यक्ष प्रो. अहमद महफूज ने कहा कि उर्दू के लिए डॉ. काजिम अली खां की सेवाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मिर्जा गालिब के कामों को एक जगह एकत्र करने का बहुत महत्वपूर्ण काम किया। प्रो. अहमद महफूज शनिवार को डॉ. काजिम अली खां व्यक्तित्व एवं शैक्षिक सेवाएं विषय पर दो दिवसीय सेमिनार के पहले दिन संबोधित कर रहे थे।
मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय और एरा विवि के तत्वावधान में एरा विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित सेमिनार का उद्घाटन डॉ. काजिम अली खां के पुत्र मोहसिन अली खां, मीसम अली खां, पुत्री व एरा विवि की उपकुलपति प्रो. फरजाना मेहंदी, पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने कनाडा और इंग्लैंड में डॉ. काजिम की साहित्यिक सेवाओं पर चर्चा की। केंद्रीय यूनानी शोध संस्थान के पूर्व उपनिदेशक हकीम सैयद वसीम अहमद आजमी, एरा विवि के कुलपति प्रो. अब्बास अली मेहंदी, मौलाना आजाद विश्वविद्यालय की डॉ. हुमा याकूब ने संबोधित किया।
शिया कॉलेज में प्रोफेसर थे डॉ. काजिम
डॉ. काजिम शिया कॉलेज में प्रोफेसर थे जिनका जन्म लखनऊ में 5 जुलाई 1938 को और इंतकाल दिसंबर 2012 में हुआ था। वे मशहूर शायर थे और मिर्जा गालिब के जीवन पर उन्होंने महत्वपूर्ण कार्य किया था। गालिब पर शोध कर उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी।