बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर को बौद्ध धर्म की दीक्षा दिलाने वाले बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानंद को रविवार को केजीएमयू में भर्ती कराया गया। 90 वर्षीय बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानंद को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। केजीएमयू प्रशासन के मुताबिक उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें केजीएमयू के गांधी वार्ड में एडमिट किया गया है।
गौरतलब है कि 14 अक्टूबर, 1956 को बाबा साहेब ने हिंदू धर्म की कुरीतियों का विरोध करते हुए बौद्ध धर्म अपना लिया था। नागपुर स्थित दीक्षाभूमि में बौद्ध भिक्षु चंद्रमणि और प्रज्ञानंद समेत सात अन्य बौद्ध भिक्षुओं ने उन्हें दीक्षा दिलायी थी। इन सभी में अब मात्र प्रज्ञानंद ही जीवित हैं।
मूल रूप से श्रीलंका के निवासी प्रज्ञानंद लखनऊ के रिसालदार पार्क के बुद्ध विहार में रहते हैं। बाबा साहेब ने 1948 और 1951 में लखनऊ का दौरा किया था। इसी दौरान उन्होंने प्रज्ञानंद से बौद्ध धर्म अपनाने की इच्छा भी जाहिर की थी। बाद में उन्होंने नागपुर जाकर अपनी पत्नी के साथ बौद्ध धर्म को अपना लिया था।