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यूपी में 50 लाख के लिए डबल मर्डर: असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट और उसके साथी की हत्या, इस डर से किया कत्ल

Sat, 03 Oct 2026 04:38 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी में 50 लाख रुपये के लिए डबल मर्डर का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ढाबे पर पार्टी के दौरान दोनों से गाली-गलौज की थी। इसके बाद दोनों को अगवा किया। फिर उन्हें एसयूवी से इटौंजा के अन्नामऊ स्थित नितिन के बन रहे मकान में ले गए और बंधक बनाकर अलग-अलग कमरों में रखा। इसके बाद दोनों की हत्या कर दी गई।
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lucknow murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश की राजधानी में हुए डबल मर्डर का खुलासा हो गया है। पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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लखनऊ के मड़ियांव के केशव नगर निवासी केजीएमयू के आर्थोपेडिक विभाग में असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट (एएनएस) पवन कुमार गर्ग (42) और उनके साथी सचिन विश्वकर्मा (38) की हत्या 50 लाख रुपये के लिए कर दी गई। 

पुलिस कई दिनों से दोनों को तलाश रही थी। वारदात का राजफाश करते हुए शुक्रवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने रस्सी से दोनों का गला कसने के बाद शव चलहरी घाट से घाघरा नदी में फेंक दिए। एसडीआरएफ शवों की तलाश कर रही है।
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डीसीपी उत्तरी अमित आनंद के मुताबिक हत्या के आरोप में इटौंजा के लुधौली गांव निवासी डब्लू महाराज उर्फ नितिन मिश्रा, अवनीश मौर्या, प्रकाश सिंह, सूरज सिंह और मोहित सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में मुख्य आरोपी नितिन ने बताया कि वह पवन को पहले से जानता था। 
 

पवन ने उससे कहा था कि उसके पास 50–60 लाख रुपये हैं। वह कोई अच्छी जमीन दिखाए। पवन के पास इतनी रकम होने की जानकारी होने पर आरोपियों के मन में लालच आ गया और उन्होंने अपहरण की योजना बनाई।

साजिश के तहत नितिन ने 27 सितंबर को पवन को फोन कर जमीन दिखाने के बहाने भिटौली क्रॉसिंग पर बुलाया। पवन अपने साथ फैजुल्लागंज के सचिन विश्वकर्मा को लेकर पहुंचे। इसके बाद आरोपी दोनों को इटौंजा में न्यू फौजी ढाबा पर ले गए। यहां सभी ने शराब पी और खाना खाया।
 

गाली-गलौज के बाद किया अपहरण
ढाबे पर पार्टी के दौरान आरोपियों ने दोनों से गाली-गलौज की। इसके बाद पवन और सचिन को अगवा कर लिया। फिर उन्हें एसयूवी से इटौंजा के अन्नामऊ स्थित नितिन के बन रहे मकान में ले गए और बंधक बनाकर अलग-अलग कमरों में रखा। इसके बाद पवन से 50 लाख रुपये मांगे। इस बीच नितिन फौजी ढाबे पर खड़ी पवन की कार को सीतापुर में छोड़कर वापस आ गया ताकि मामले को भटकाया जा सके।

चेन, अंगूठी व अन्य सामान बरामद
आरोपियों के पास से पवन और सचिन की चेन, अंगूठी व अन्य कागजात बरामद हुए हैं। हत्या में इस्तेमाल एसयूवी और अवनीश की कार भी जब्त की गई है। नितिन की मिठाई की दुकान है जबकि अवनीश की सब्जी की आढ़त और प्रकाश ऑटो चलाता है। सूरज चाय का ठेला लगाता है और मोहित अवनीश की आढ़त की दुकान पर हिसाब देखता है। पुलिस ने पवन के पिता मनोज की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। शवों की बरामदगी के लिए एसडीआरएफ, जल पुलिस, पीएसी व गोताखोरों की टीम को लगाया गया है।
 

दो पर दर्ज है सामूहिक दुष्कर्म की प्राथमिकी
गिरफ्तार किए गए सूरज और प्रकाश सिंह पर वर्ष 2021 में सामूहिक दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। छानबीन में सामने आया है कि आठ महीने पहले पवन की नितिन से मुलाकात एक दोस्त ने कराई थी। इसके बाद से दोनों में बातचीत होने लगी थी।
 
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पकड़े जाने के डर से कर दी हत्या
वापस आने के बाद नितिन ने दोबारा पवन से रकम देने के लिए कहा। मना करने पर दोनों की पिटाई की। आरोपियों को लगा कि पवन उन्हें रकम नहीं देंगे और अगर उन्हें छोड़ देते हैं तो वह पुलिस से शिकायत कर देंगे। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने 28 सितंबर की दोपहर 12 बजे दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे आरोपी शवों को नितिन की एसयूवी से महमूदाबाद होते हुए बहराइच के चहलारी घाट लेकर पहुंचे। इसके बाद पुल से शव घाघरा नदी में फेंक दिए।
 
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