ठंड में बाहर घूमना हो सकता है खतरनाक।
लखनऊ। सर्दी के मौसम में चारों तरफ फैली धुंध न सिर्फ हमारे, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी घातक है। गर्भवती महिला के माध्यम से बच्चे तक पहुंचकर प्रदूषण उन्हें पैदायशी अस्थमा और अन्य बीमारियां दे रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, धुंध का आनंद लेने के बजाय हमें उसमें जाने से पहले मास्क लगाना चाहिए।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सांस रोग विशेषज्ञ और रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. सूर्यकांत के मुताबिक, सर्दी के मौसम में इस समय नजर आ रही धुंध असल में स्मॉग है। स्मॉग शब्द स्मोक और फॉग से मिलकर बना है। यह सिर्फ कोहरा नहीं है। इसमें प्रदूषण के पदार्थ भी हैं। इसलिए इससे बचना चाहिए। सर्दी में जब हम खुले में जाते हैं तो सांस के माध्यम से हवा में तैर रहे नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थ हमारे शरीर के भीतर पहुंच जाते हैं। ये पदार्थ हमारे फेफड़े के साथ ही सांस की नली को भी नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं, गर्भवती महिलाओं में सांस के माध्यम से यह प्रदूषण गर्भ में पल रहे शिशु तक भी पहुंच जाता है। शिशु की क्षमता बेहद कम होती है, जिससे उसे अस्थमा और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
बचाव के लिए ये करें
- खुले में जाते समय मास्क जरूर लगाएं
- कोहरे में सुबह जल्दी टहलने के लिए न निकलें
- सांस की बीमारियों से बचने के लिए योग और जलनेति का सहारा लें
- सर्दियों में खानपान का विशेष ध्यान रखें
- अगर सांस संबंधी समस्या हो रही है तो अपने आप दवाएं लेने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लें
ठंड में बाहर घूमना हो सकता है खतरनाक।
ठंड में बाहर घूमना हो सकता है खतरनाक।
ठंड में बाहर घूमना हो सकता है खतरनाक।