लखनऊ। घरेलू हिंसा के केस और ससुरालवालों की प्रताड़ना से परेशान होकर नाका के रानीगंज निवासी प्रखर गुप्ता (31) ने रविवार रात कमरे में फंदा लगा लिया। पिता ने नाका थाने में बहू प्रिया गुप्ता, उसके पिता ओमप्रकाश गुप्ता और भाई मानस के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि प्रखर की घर के पास अंकित पेंट के नाम से दुकान है। सुनील ने बताया कि प्रखर ने तीन वर्ष पहले रानीगंज की प्रिया से लव मैरिज की थी। शादी के कुछ बाद दिन ही दोनों में मामूली बातों पर कहासुनी होने लगी। भैयादूज पर प्रखर से विवाद के बाद प्रिया मायके चली गई। थोड़ी देर बाद वह पिता, भाई व अन्य लोगों को लेकर आई।
आरोप है कि उन लोगों ने सुनील, उनकी पत्नी सुनीता और प्रखर के साथ मारपीट करते हुए घर में तोड़फोड़ की। इसके बाद प्रिया ने प्रखर व ससुरालियों के खिलाफ नाका थाने में घरेलू हिंसा व दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया। सुनील का आरोप है कि उन लोगों ने मारपीट, तोड़फोड़ की तहरीर दी, लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। प्रिया की ओर से दर्ज कराए केस पर प्रखर व उसके परिवार को गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया था। 15 और 23 दिसंबर को सुनवाई थी।
सुनील का आरोप है कि रविवार रात घर लौटने पर प्रखर बहुत परेशान था। उसने बताया कि रास्ते में प्रिया और उसके पिता मिले थे। दोनों ने स्टे कैंसिल कराने और पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी दी। प्रखर ने समझौता करने की मिन्नत की, पर दोनों बात सुनने के लिए राजी नहीं हुए। घरवालों ने प्रखर को समझाया। इसके बाद वह खाना खाकर सोने के लिए कमरे में चले गए। देर रात किसी समय उन्होंने जान दे दी।