लखनऊ। दवा के दुष्प्रभाव होते हैं। सरकारी अस्पतालों में दवाएं मुफ्त मिल रही हैं तो इसका यह मतलब नहीं कि बिना जरूरत के इन्हें ले लें। बड़े संस्थानों में गंभीर मरीज आने चाहिए। सामान्य बीमारी के पीड़ितों को सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जाना चाहिए। डॉक्टर ईमानदारी से इलाज करें और बिना जरूरत के दवा न लिखें। सर्जरी को आखिरी विकल्प रखें। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लोहिया संस्थान के चौथे स्थापना दिवस समारोह में कहीं।
सीएम ने कहा, डॉक्टर जितना अनुभवी होगा मरीजों को उतना लाभ मिलेगा। अपना अनुभव बताते हुए कहा कि मेरे हाथ में दिक्कत आई थी। एक संस्थान में ऑपरेशन कराया, लेकिन फिर समस्या हो गई। गोरखपुर गया तो एक डॉक्टर ने कहा, सर आपके हाथ की पट्टी हटा दूंगा। मैंने इलाज का खर्च पूछा तो मेरे संग सेल्फी की फीस बताई। उन्होंने आधे मिनट में मुझे ठीक कर दिया। यह परेशानी ऑपरेशन की वजह से हो रही है। हमें इलाज की पारंपरिक पद्धति पर भी भरोसा करना चाहिए।
पूर्वी यूपी में दो साल में काबू आया इंसेफ्लाइटिस
मुख्यमंत्री ने बताया, पूर्वी यूपी में 40 साल से जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस (एईएस) का प्रकोप था। इस दौरान 50 हजार से ज्यादा बच्चों की जान गई। वर्ष 1998 में मैं सांसद बना तो यह मुद्दा सदन में उठाया। विपक्ष में था तो आंदोलन किया। वर्ष 2017 में हम सरकार में आए तो जिम्मेदारी हम पर आ गई। विभागों के साथ बैठक कर टीमें बनाई और दो साल में ही ये बीमारियां काबू में आ गईं। आज इनसे एक भी मौत नहीं हो रही है। गी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष का लाभ बिना भेदभाव व चेहरा देखे दिया जा रहा है। 70 साल की उम्र पार करने वाले सभी बुजुर्गों को आयुष्मान का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में पांच करोड़ 11 लाख लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं।
मरीज को ईश्वर मानकर करें इलाज : पाठक
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, केजीएमयू के डॉक्टर देश-विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं। पीजीआई जैसी क्रिटिकल केयर कही नहीं है। लोहिया संस्थान भी बेहतर काम कर रहा है। डॉक्टर, स्टॉफ मरीज को भगवान मानकर इलाज करें। बताया कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। इनमें एमबीबीएस व पीजी की पढ़ाई चल रही है। पांच से सात वर्षों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि लोहिया संस्थान पीजीआई को टक्कर दे रहा है। मुख्य सचिव मनोज सिंह ने कहा, लोहिया में एक साल में नौ लाख मरीजों को ओपीडी में इलाज मिला। यहां के कई शोध जनरल में भी प्रकाशित हुए। संस्थान लगातार नई ऊंचाई को छू रहा है।
इन्हें किया गया सम्मानित
माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रो. ज्योत्सना अग्रवाल, रेडिएशन आंकोलॉजी विभाग के प्रो. मधूप रस्तोगी, न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. दीपक कुमार सिंह, बायोकैमिस्ट्री विभाग की प्रो. वंदना तिवारी, जनरल मेडिसिन विभग की डॉ. ऋतु करोली, यूरोलॉजी विभाग के डॉ. संजीत कुमार सिंह, फिजियोलॉजी विभाग की डॉ. विभु गंगवार, न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. अब्दुल कवी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉ. सुमित दीक्षित और पेडियाट्रिक्स विभाग की डॉ. नेहा राय।
छात्रों को मिला हॉस्टल का तोहफा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पथ स्थित मातृ शिशु एवं रेफरल हॉस्पिटल के पास 15 तल के छात्रावास का लोकार्पण किया। इसमें 326 छात्र रह सकेंगे। 10 तल के टाइप-4 फैकल्टी आवास का भी शुभारंभ किया गया। इसमें फैकल्टी के 40 लोग रह सकेंगे।
इमरजेंसी में ट्रॉयज एरिया में 30 बेड बढ़े
इमरजेंसी में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए ट्रॉयज एरिया का विस्तार दिया गया है। मुख्यमंत्री ने 30 बेड के ट्रायज एरिया का शुभारंभ किया। अभी तक 22 बेड ट्रॉयज एरिया में थे। अब इनकी संख्या 52 हो गई है। इमरजेंसी में 60 बेड हैं। इनकी कुल 112 बेड हो जाएगी।