लखनऊ। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने बीते डेढ़ वर्ष से डॉक्टरों का 10 लाख रुपये बकाया का भुगतान नहीं किया है। इससे डॉक्टरों ने सीएचसी में ऑन कॉल सेवाएं देना बंद कर दिया है। ऐसी दशा में गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन हो रहा है। इन सीएचसी पर प्रसव की सुविधा है। सिजेरियन प्रसव कराने के लिए सिर्फ छह बेहोशी के डॉक्टर हैं। एनएचएम ने सभी सीएचसी पर सिजेरियन प्रसव कराने के लिए जिले के 13 एनेस्थेसिया डॉक्टरों से अनुबंध कर रखा है।
इन डॉक्टरों को प्रति केस बेहोशी देने पर दो हजार रुपये के हिसाब से भुगतान होता है। ग्रामीण क्षेत्र में जाने पर प्रति केस तीन हजार रुपये मिलते हैं। करीब डेढ़ साल से एनएचएम के जरिये डॉक्टरों का 10 लाख बकाया भुगतान नहीं किया गया है।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, एनएचएम से अनुबंध किए डॉक्टरों का भुगतान कराने के लिए पत्र लिखा गया है। डॉक्टरों से निजी अनुरोध पर सेवाएं ली जा रही हैं।