लोहिया संस्थान के डॉक्टरों ने दिमाग को खून पहुंचाने वाली धमनी से ब्लॉकेज हटाकर बीते बुधवार को मरीज को नई जिंदगी दी। मरीज को दो बार लकवा मार चुका था। दवा कोई असर नहीं कर रही थी। जांच करने पर पता चला कि मरीज को कैरोटिड स्टेनोसिस बीमारी है। इसमें दिमाग को खून ले जाने वाली मुख्य कैरोटिड धमनी 80 प्रतिशत से ज्यादा ब्लॅाक हो गई थी। मरीज को लकवा मारने के साथ जान का भी खतरा था।
प्रयागराज निवासी मिठाई लाल (64) चार माह से कैरोटिड स्टेनोसिस की समस्या से ग्रसित थे। इससे करीब चार माह पूर्व लकवा का अटैक पड़ा था। मरीज तभी से इसके लिए दवाएं ले रहा था, इसके बावजूद एक माह पूर्व दोबारा पक्षाघात की शिकायत हुई।
लोहिया संस्थान के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मरीज कैरोटिड स्टेनोसिस से पीड़ित थे। इसमें दिमाग को खून ले जाने वाली मुख्य कैरोटिड धमनी 80 फीसदी से ज्यादा ब्लॉक हो गई थी। इस ब्लॉकेज को न खोलने से मरीज के लकवे के बढ़ने और मौत होने का अधिक खतरा था। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में सुधार हो गया है।
सर्जरी टीम में ये रहे शामिल : सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. दीपक, डॉ. कुलदीप यादव, डॉ. मो. कैफ , डॉ. राकेश सिंह, एनेस्थीसिया से डॉ. दीपक मालवीय, डॉ. पीके दास, डॉ. अनुराग अग्रवाल शामिल रहे।