लखनऊ। सीएचसी-पीएचसी में बॉन्ड के तहत तैनात डॉक्टरों ने समान काम और समान वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। डॉक्टर पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे और अपनी मांग रखी। इसके बाद सचिवालय जाकर अधिकारियों के सामने समस्याएं रखीं। शासनादेश जारी करने का आश्वासन मिलने के बावजूद स्पष्ट निर्णय नहीं होने से नाराज डॉक्टर हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना और भूख हड़ताल पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि वे बॉन्ड के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेजों में बॉन्ड पर तैनात डॉक्टरों के समान वेतन और भत्ते नहीं मिल रहे हैं। डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें भी 1.20 लाख रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
डॉक्टरों के मुताबिक, इस संबंध में शासन स्तर से कई बार आश्वासन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है। शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों से बड़ी संख्या में डॉक्टर लखनऊ पहुंचे। डिप्टी सीएम के आवास और सचिवालय में अधिकारियों से मुलाकात के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने गांधी प्रतिमा के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि समान जिम्मेदारी निभाने वाले डॉक्टरों के वेतन में अंतर उचित नहीं है। शासनादेश जारी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।