लखनऊ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए बिल के विरोध में बुधवार को केजीएमयू के डॉक्टर और छात्रों ने प्रदर्शन किया। सरस्वती मंदिर के सामने हुए प्रदर्शन में डॉक्टरों ने कहा कि नया बिल असमानता बढ़ाने वाला है, इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए।
ट्रॉमा सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संदीप तिवारी के साथ ही डॉ. समीर मिश्र, ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेमराज सिंह और डॉ. अमिय अग्रवाल की अगुवाई में बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों ने बिल को असमानता लाने वाला बताया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी को पत्र लिखकर नियम लागू करने से पहले सुझाव और आपत्तियों को सुनने की मांग की है। डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि यूजीसी का उद्देश्य भेदभाव रोकना होना चाहिए, न कि किसी वर्ग को असुरक्षित बनाना। भारतीय न्याय संहिता में पहले से ही भेदभाव से जुड़े मामलों के लिए प्रावधान मौजूद हैं, ऐसे में नया बिल लाना या अलग से समिति बनाने की जरूरत नहीं है।