संक्रामक रोग यूनिट के प्रभारी डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि डॉक्टर को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत थी। उन्हें प्लाज्मा थेरेपी की पहली डोज रविवार को दी गई।
उरई निवासी कोरोना पीड़ित डॉक्टर वहां एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने केजीएमयू से ही पढ़ाई की है। जानकारी मिलते ही केजीएमयू के सभी चिकित्सक उनका हालचाल लेने में जुटे रहे।