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अगर बच्चा बोलता नहीं तो कानों की कराएं जांच, विशेषज्ञ डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने दिए सवालों के जवाब

Mon, 22 Jun 2020 06:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels.com
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अमर उजाला हेल्पलाइन में आईएमए सदस्य और नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि कोई बच्चा बोलता नहीं है तो लोगों को लगता है कि उसकी जुबान में दिक्कत है, लेकिन सबसे पहले कान की जांच करानी चाहिए। पेश हैं प्रमुख सवाल जो ज्यादातर लोगों ने पूछे।
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सवाल- मेरा 5 साल का बच्चा है। वह अभी तक बोल नहीं रहा है। - नियति सिंह गोमती नगर, प्रद्युम्न प्रताप गौतम पल्ली
जवाब- यदि बच्चा बोल नहीं रहा है अथवा तुतलाता है तो पहले उसकी कानों की जांच करानी चाहिए। कान की रिपोर्ट सही आने के बाद उसे स्पीच थेरेपी की जरूरत होती है। यदि बच्चे को कुछ सुनाई नहीं पड़ रहा है तो कुछ दवाएं और इलाज शुरू किया जाता है। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर कोकलियार इमप्लांट लगाया जाता है। 

सवाल- मेरी नाक बंद रहती है और सोते वक्त खर्राटे आते हैं। क्या करें? - जानकी चौक, पीयूष आशियाना
जवाब- खर्राटे आने के कई कारण होते हैं। यह गले से संबंधित समस्या हो सकती है। कई बार सीओपीडी की समस्या होने पर भी खर्राटे आते हैं। लेकिन पहले नाक की एंडोस्कोपी कराई जाती है। नाक की हड्डी टेढ़ी या किसी अन्य तरह की रुकावट है तो लेजर से उसे ठीक कर दिया जाता है। एक बार चिकित्सक को दिखा लें।
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सवाल- मैं पान मसाला खाता था। मेरे मुंह में सफेदी आ गई है। गले में गांठ भी महसूस हो रही है। क्या करें? - रमेश चंद इंदिरा नगर, प्रेम शंकर अलीगंज
जवाब- पान मसाला खाने वालों के मुंह में सफेदी होना खतरे की घंटी है। इसे ल्यूकोप्लेशिया कहते हैं। यह प्री कैंसर का लक्षण भी हो सकता है। तत्काल जांच कराएं और चिकित्सक से सलाह के अनुसार दवा लें। इसी तरह गले में गांठ है तो यह टीबी अथवा कैंसर हो सकता है। अल्ट्रासाउंड और एफ एनएसी जांच होती है।
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सुबह उठने पर छींक बहुत आती है

डॉ पंकज श्रीवास्तव - फोटो : amar ujala
सवाल- मेरा कान लगातार बह रहा है। सुनने में दिक्कत भी होने लगी है। - रीता चौहान गोमती नगर, शिवकुमार हजरतगंज
जवाब- कान लगातार बह रहा है और सुनने में दिक्कत है तो जांच कराएं। यदि परदे में छेद है तो ऑपरेशन करना पड़ सकता है। यदि फंगस लगा है तो चिकित्सक की सलाह पर एंटीफंगल ड्रॉप का प्रयोग करें। बारिश के मौसम में कान बहने की समस्या ज्यादा आती है। अपनी मर्जी से कोई दवा न लें। 

सवाल- सुबह उठने पर छींक बहुत आती है। क्या करें? - राकेश गोसाईगंज, बैजनाथ सरोजिनी नगर
जवाब-  यह एलर्जी की वजह से हो रहा है। ऐसे में एंटी एलर्जी की दवाओं का प्रयोग करना पड़ता है। धूल, धूप और महक से दूर रहें।

सवाल- मैं 30 साल का हूं और सुनने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में क्या करें? - साकेत गोमती नगर, राज सिंह जानकीपुरम
जवाब- युवावस्था में सुनने की क्षमता कम होने की कई वजह होती हैं। कई बार कम सुनने के साथ ही सीटी जैसी बजती रहती है। कान की नस पैरालिसिस होने की वजह से भी इस तरह की समस्या आती है। ऐसे में कान की जांच कराएं और कुछ दवाएं नियमित डालनी पड़ती है।
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