लखनऊ। मरीज की मौत के मामले में खदरा स्थित एमजे अस्पताल का संचालक व डॉक्टर बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे। डॉक्टर से डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) कार्डियोलॉजिस्ट की डिग्री मांगी गई, जिसे वह नहीं दिखा सका। संचालक भी बिना वीडियो फुटेज लाए पहुंचा था। इस पर दोनों को लौटा दिया है। अफसरों का कहना है कि सभी बिंदुओं की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गोलागंज की मुस्कान के मुताबिक उन्होंने पति आलम को केजीएमयू में भर्ती कराया था। बीती 14 नवंबर को उनके मोबाइल पर एमजे अस्पताल से डॉ. जुनैद नाम के व्यक्ति का कॉल आया। उसने बेहतर इलाज का झांसा देकर एंबुलेंस केजीएमयू भिजवाकर उनके पति को शिफ्ट करा दिया।
मुस्कान का कहना है कि बेड चार्ज व दवाओं के नाम पर डेढ़ लाख रुपये वसूले गए। आरोप लगाया कि अप्रशिक्षित स्टाफ ने आलम के गले की नली में गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
मामले को लेकर अस्पताल संचालक डॉ. जुनैद व डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मो. जफर बयान दर्ज कराने
सीएमओ ऑफिस पहुंचे। टीम ने जफर से डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की डिग्री मांगी तो वह एमबीबीएस की डिग्री दिखाने लगे। टीम ने उन्हें डीएम की डिग्री के साथ फिर बुलाया है।
डॉ. जुनैद ने बताया कि मरीज की मौत उनके अस्पताल में नहीं हुई है। मरीज को यहां से रेफर कर दिया गया था। टीम ने उस दौरान की फुटेज भी मांगी है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, जांच चल रही है। डॉक्टर की डिग्री संग अन्य साक्ष्य मांगे गए हैं।