रायबरेली-खीरों। सरकारी अस्पतालों में बेटियों का जन्म होने पर प्रसूताओं को बधाईपत्र देने के आदेश को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने शुरू ही नहीं किया। शनिवार को डीएम नेहा शर्मा और एसपी सुनील कुमार सिंह सीएचसी खीरों का निरीक्षण करने पहुंचे तो मनमानी उजागर हो गई। प्रसूताओं ने डीएम को बताया कि उन्हें बधाईपत्र नहीं दिया गया।
मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए डीएम ने सीएमओ को नोटिस जारी करके मामले में जवाब मांगने के आदेश दिए। इसके अलावा सीएचसी के डॉक्टरों व स्टाफ को भी फटकार लगाई।
डीएम नेहा शर्मा ने पहल करते हुए सरकारी अस्पतालों में बेटियों का जन्म होने पर प्रसूताओं को बधाईपत्र देने के आदेश दिए हैं। यह व्यवस्था बीती एक जुलाई से शुरू भी कर दी, लेकिन शनिवार को डीएम खीरों सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची तो उनके आदेश का अनुपालन कहीं भी नहीं मिला। वार्ड में पहुंचकर डीएम ने प्रसूताओं से बधाईपत्र के संबंध में जानकारी ली। प्रसूताओं ने बधाईपत्र न मिलने की जानकारी दी।
अधीक्षक ने भी ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया। इस पर नाराज डीएम ने सीएमओ डॉ. डीके सिंह को नोटिस देकर मामले में जवाब मांगने के आदेश दिए। डीएम ने दवा भंडार व वितरण कक्ष, दंत विभाग, महिला वार्ड, ओपीडी, एक्स-रे कक्ष आदि का निरीक्षण किया। लोगों ने डीएम को बताया कि दंत, नेत्र चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ व सर्जन के न होने से इलाज कराने के लिए 35 किमी दूर रायबरेली जाना पड़ता है। मामले में डीएम ने डॉक्टरों के संबंध में रिपोर्ट भी तलब की।