राशन वितरण में लगातार सामने या रही अनियमितता व लापरवाही को देखते हुए अब जिलाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। हर जिले में जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीमों का गठन करने का आदेश दिया गया है। यह टीमें राशन वितरण को लेकर बनाई गई व्यवस्था के हर बिंदु पर नजर रखेंगी।
खाद्य आयुक्त मनीष चौहान ने कहा है कि स्थलीय जांच के लिए गठित किए जाने वाली यह टीमें पांच से 12 नवंबर तक चलाए जा रहे अभियान में पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। टीमों का गठन विकासखंडवार किए जाने को कहा गया है। इन टीमों द्वारा हर विकासखंड में कम से कम दस दुकानों पर होने वाले वितरण की जांच की जाएगी।
खाद्य आयुक्त ने कहा है कि इसके अलावा सभी जिला पूर्ति अधिकारी अपने अपने जिले की पांच-पांच दुकानों पर वितरण की जांच करेंगे। पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत हर दुकान के लिए तय नोडल अफसरों को भी वितरण पर नजर रखने और इसमें किसी तरह की लापरवाही न किए जाने को कहा गया है। हर स्तर पर होने वाली जांच की रिपोर्ट संबंधित अधिकारी व मुख्यालय को भेजे जाने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य आयुक्त ने बताया कि इसके साथ-साथ गोदाम से कोटेदार को पूरी मात्रा में अनाज हासिल हो, इस प्रक्रिया पर नजर रखने की जिम्मेदारी भी नोडल अफसरों की तय की गई है। उन्होंने कहा कि कोटेदारों से लेकर अधिकारियों तक को स्पष्ट कर दिया गया है कि गरीबों को होने वाले राशन वितरण में किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।