प्रदेश सरकार ने दो दिन की माथापच्ची के बाद शुक्रवार आधी रात बाद आठ जिलों के डीएम के तबादले कर दिए। इनमें सुल्तानपुर और गाजीपुर के जिलाधिकारी भी शामिल हैं। इन जिलों में सबसे पहले बाजार दर से अधिक कीमत पर इन्फ्रारेड थर्मामीटर व पल्स आक्सीमीटर खरीद के आरोप लगाए गए थे। सरकार इनकी एसआईटी से जांच करा रही है। जिलाधिकारी के पद से हटाए गए आठ में सात आईएएस अधिकारियों को वेटिंग में डाल दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई जिलों का भ्रमण कर विकास कार्यों व कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर चुके हैं। पहली बार जनप्रतिनिधियों व अफसरों के साथ वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिए मंडल्ीय समीक्षा शुरू की है। जनप्रतिनिधियों व आम लोगों के जरिए भी जिलों का फीडबैक मिल रहा है।
सुल्तानपुर के विधायक देवमणि द्विवेदी ने प्रकरण की एसआईटी जांच के आदेश के बावजूद डीएम को न हटाए जाने पर सवाल उठाए थे और मुख्यमंत्री से उन्हें हटाकर जांच कराने की मांग की थी। बृहस्पतिवार को आठ जिलों के कप्तान के तबादलों के बाद शुक्रवार रात आठ जिलों के डीएम भी बदल दिए। इनमें सुल्तानपुर व गाजीपुर के डीएम भी शामिल हैं। इन तबादलों में रवीश गुप्ता अकेले ऐसे अफसर हैं, जिन्हें दूसरे जिले की कमान मिली है।
नए डीएम जिला
के बालाजी, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी मेरठ
श्रुति सिंह, यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन की एमडी इटावा
विशाल भारद्वाज, स्टाफ ऑफिसर मुख्य सचिव सीतापुर
ए. दिनेश कुमार, विशेष सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ललितपुर
रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी संतकबीरनगर सुल्तानपुर
मंगला प्रसाद सिंह, सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण गाजीपुर
राजेश पांडेय, मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मऊ
दिव्या मित्तल, चेयरमैन बरेली विकास प्राधिकरण संतकबीरनगर
इन सात जिलों के डीएम को हटाकर वेटिंग डाला
मेरठ अनिल ढींगड़ा
इटावा जितेंद्र बहादुर सिंह
सुल्तानपुर सी. इंदुमती
ललितपुर योगेश कुमार शुक्ल
सीतापुर अखिलेश तिवारी
गाजीपुर ओम प्रकाश आर्य
मऊ ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी