दिव्यांगजन कल्याण मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से संचालित शल्य चिकित्सा योजना के तहत प्रदेश में पिछले साल कुल 20 बच्चों का चयन किया गया था, जिसमें से कुल 11 श्रवण बाधित बच्चों के कान में कॉक्लियर इम्प्लांट कराया जा चुका है।
शेष बच्चों को यह सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। इस साल 159 बच्चों का चयन किया गया है और अब तक 59 बच्चों का ऑपरेशन कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
दिव्यांग होने के बावजूद समाज को दी नई दिशा
पिछले साल कॉक्लियर इम्प्लांट कराने वाले 10 बच्चों को फल और शिक्षा उपयोगी सामग्री देकर प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन को सहायक उपकरण देकर उनके जीवन में बदलाव लाया जा सकता है।
महर्षि अष्टावक्र, सूरदास, चित्रकूट के जगद्गुरू रामभद्राचार्य और स्टीफन हॉकिंग का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग होने के बाद भी इन महापुरुषों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और समाज को नई दिशा दी।