बीते वर्ष अदालत में दाखिल हुआ वाद
स्वाति सिंह ने बीते वर्ष 30 सितंबर को पारिवारिक न्यायालय में वाद दाखिल किया था। इसमें साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि बीते चार वर्षों से पति से अलग रह रही हैं। दोनों के बीच कोई वैवाहिक रिश्ता नहीं है। प्रतिवादी के अदालत में उपस्थित न होने पर कोर्ट ने वाद की कार्यवाही को एक पक्षीय रूप से सुना। इसमें वादिनी के साक्ष्यों से सहमत होने के बाद तलाक को मंजूरी प्रदान की।
पहले खारिज हो गई थी अर्जी
स्वाति सिंह ने इससे पहले साल 2012 में अर्जी दाखिल की थी, लेकिन ये अर्जी उनकी गैरहाजिरी के कारण अदालत ने खारिज कर दी थी। वरिष्ठ अधिवक्ता पदमकीर्ति ने बताया कि स्वाति सिंह ने मार्च 2022 में अदालत में अर्जी देकर केस दोबारा शुरू करने की अपील की। हालांकि उस अर्जी को भी वापस लेते हुए नई याचिका दायर की गई थी।