होमगार्ड वेतन घोटाला मामले पर कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने मेरठ के डिवीजनल कमांडेंट डी डी मौर्या और अलीगढ़ के आर एन चौरसिया को निलंबित कर दिया गया है।
बता दें कि गौतमबुद्धनगर और लखनऊ में होमगार्ड की ड्यूटी लगाने में हुए घपले का दायरा काफी बढ़ गया है। पूरे प्रदेश में होमगार्ड की ड्यूटी का सत्यापन कराया जा रहा है। जिला कमांडेंट और मंडलीय कमांडेंट को एक सप्ताह में सत्यापन की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। तब तक के लिए अक्तूबर तक की ड्यूटी का भुगतान रोक दिया गया है।
प्रमुख सचिव होमगार्ड अनिल कुमार ने बताया कि अभी तक होमगार्ड की ड्यूटी का रिकार्ड केवल जिला कमांडेंट के पास ही होता था। अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है ताकि थाने स्तर पर भी इसका रिकार्ड रखा जा सके। उन्होंने बताया कि इसकी जांच के लिए होमगार्ड महकमे के सभी जिला कमांडेंट को जिम्मेदारी दी गई है कि वह अक्तूबर माह की ड्यूटी का भुगतान करने से पहले सभी ड्यूटी का सत्यापन कराएं। वह अपनी रिपोर्ट मंडलीय कमांडेंट को भेजें। कमांडेंट द्वारा सत्यापित होने के बाद ही ड्यूटी का भुगतान किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि अभी तक ड्यूटी के लिए मास्टर रोल की एक ही कॉपी बनती थी जिसकी मूल प्रति जिला कमांडेंट के यहां जमा हो जाती थी। उसका कोई अन्य रिकार्ड ही नहीं होता था और न ही कहीं उपस्थिति दर्ज होती थी। ड्यूटी करने वाले होमगार्डों की थानों की जीडी में ड्यूटी के पहले दिन एंट्री दर्ज होती थी, उसके बाद कब तक ड्यूटी की और कहां-कहां ड्यूटी की इसका कोई रिकार्ड नहीं होता था। इतना ही नहीं मास्टर रोल पर ड्यूटी लेने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारी का न तो स्पष्ट नाम होता था और न ही स्पष्ट हस्ताक्षर।
ऐसे में अब अक्तूबर में ड्यूटी वाले स्थानों पर मास्टर रोल दोबारा भेजकर ड्यूटी प्रभारियों से सत्यापित कराया जाएगा और दोबारा उनके स्पष्ट पद और नाम के साथ मुहर लगवाई जाएगी। मास्टर रोल की एक प्रति ड्यूटी स्थल (संबंधित थाने) पर भी रखी जाएगी, ताकि सही और गलत ड्यूटी पता चल सके।