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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव : दोनों उप मुख्यमंत्रियों की भी प्रतिष्ठा दांव पर, पश्चिम से पूर्वांचल तक साख बचाना है चुनौती

Sat, 03 Jul 2021 09:49 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

मंत्रियों को ना केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र के जिले की जिला पंचायत में भाजपा का परचम फहराना है बल्कि प्रभार वाले जिले में भी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पार्टी के कार्यकर्ता की ताजपोशी करानी है।
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केशव मौर्य, दिनेश शर्मा
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विस्तार
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में प्रदेश की भाजपा सरकार के कद्दावर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा  सहित दो दर्जन से अधिक मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। मंत्रियों को ना केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र के जिले की जिला पंचायत में भाजपा का परचम फहराना है बल्कि प्रभार वाले जिले में भी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पार्टी के कार्यकर्ता की ताजपोशी करानी है।

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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह जिले कौशांबी में भाजपा व सपा के बीच सीधा मुकाबला है। वहीं लखनऊ में भी भाजपा का सपा से सीधा मुकाबला होने के कारण उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन गोपाल, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वाति सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है। 

ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के जिले प्रतापगढ़ में भाजपा और सपा के उम्मीदवारों का मुकाबला रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल के उम्मीदवार से है। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह भी प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं, लिहाजा प्रतापगढ़ में दोनों मंत्रियों की साख दांव पर लगी है।
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कानपुर नगर में सपा व भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होने से औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना की प्रतिष्ठा दांव पर है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के गृह जिले देवरिया, मथुरा में पशुधन मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, बिजनौर में परिवहन मंत्री अशोक कटारिया और सिद्धार्थनगर में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी पर जीत का दारोमदार है। इसके अलावा बलिया में भी भाजपा व सपा के बीच आमने-सामने का मुकाबला खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी और संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला की प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है।

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