लखनऊ में जिला पंचायत सदस्य पदों का चुनाव खासा रोमांचक रहा। बड़े-बड़े दिग्गजों को हार का मुंह देखना पड़ा और सामने आए परिणामों में बहुमत का आंकड़ा किसी के पास नहीं है। कुल 25 सदस्यों में से जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाने के लिए 13 वोट चाहिए होंगे, जो किसी दल के पास नहीं।
लखनऊ में जिला पंचायत सदस्य पदों का चुनाव खासा रोमांचक रहा। बड़े-बड़े दिग्गजों को हार का मुंह देखना पड़ा और सामने आए परिणामों में बहुमत का आंकड़ा किसी के पास नहीं है। कुल 25 सदस्यों में से जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाने के लिए 13 वोट चाहिए होंगे, जो किसी दल के पास नहीं। सपा को अध्यक्ष की सीट पाने के लिए चार वोट और हासिल करने होंगे। वहीं पांच सीट पाने वाली बसपा और तीन सीट पर सिमटी भाजपा के लिए तो लड़ाई और भी कठिन होगी। कुल मिलाकर आठ निर्दलीय जीते प्रत्याशी अध्यक्ष चुनने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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चुनाव में दिग्गजों की हार पर बात करें तो मोहनलालगंज से भाजपा सांसद कौशल किशोर और मलिहाबाद सीट से विधायक उनकी पत्नी जयदेवी कौशल अपनी बहु श्वेता रावत को नहीं जिता सके। लंबे अरसे से माल के वार्ड नंबर सात की जिस सीट पर कौशल किशोर की मर्जी से जीत-हार होती थी, उसी सीट पर उनकी बहू हार गई। इसी तरह सरोजनीनगर में वार्ड नंबर 15 से भाजपा के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरीं मोहनलालगंज से पूर्व सांसद के अलावा विधायक रहीं रीना चौधरी को भी हार का मुंह देखना पड़ा। खास बात यह कि इन दोनों दिग्गज सीटों पर सपा से जुड़े प्रत्याशियों ने जीत दर्ज करायी है। रीना चौधरी जहां सपा की पलक रावत से हारीं तो वहीं सांसद कौशल किशोर की बहू श्वेता रावत को हराने वाली रामप्यारी को भी सपा अपना प्रत्याशी बता रही है। उधर, भाजपा में जिले में मिली हार को लेकर अलग-अलग चर्चाएं अंदर खाने चल रही हैं। खुलकर कोई कुछ नहीं कह रहा, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर बिना सामंजस्य बैठाए टिकट दिए जाने के कारण स्थिति गड़बड़ हुई।
वर्तमान विधायक व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का दबदबा
भाजपा के दिग्गज भले ही अपने परिवार की सीटें न जिता पाए हों, लेकिन मोहनलालगंज से विधायक अंबरीष पुष्कर की पत्नी विजय लक्ष्मी वार्ड-18 से जीत गई हैं। विजय लक्ष्मी को अध्यक्ष पद का भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वहीं वार्ड 24 से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव ने जीत दर्ज करायी है। यही नहीं विजय बहादुर से नजदीकी रखने वाले कुछ और प्रत्याशी भी जीते हैं। अन्य में मलिहाबाद के वार्ड -11 से जीते बसपा के यूसुफ खान दोबारा सदस्य चुने गए हैं। इसी तरह वार्ड-17 सरोजनीनगर-3 से जीतीं निर्दल प्रत्याशी किरन सिंह भी दूसरी बार चुनी गई हैं। इससे पहले दो बार इनके पति चुने जा चुके हैं।