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कमला नेहरू ट्रस्ट की जमीन पर चला प्रशासन का डंडा, सुबह चार बजे से चल रहा बुलडोजर

Wed, 16 Dec 2020 01:53 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
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ट्रस्ट की जमीन पर चलवाया जा रहा अवैध बुलडोजर। - फोटो : amar ujala
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रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ प्रयागराज एनएच 30 सिविल लाइन चौराहा स्थित बहुचर्चित कमला नेहरू ट्रस्ट नाम से दर्ज जमीन पर अवैध कब्जा जमाए लोगों की दुकान व मकान पर जिला प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर चला दिया।

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सरकारी जमीन पर फर्जी तरीके से कब्जा जमाए लोगों को जगह खाली करने के आदेश कई महीने पहले ही दे दिए गए थे। कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने अवैध रूप से काबिज लोगों को नोटिस दिया। उनके बिजली कनेक्शन काट दिए। हालांकि, इतना करने के बाद भी जमीन खाली नहीं हो पाई।

कोर्ट के आदेश का पालन करने के दबाव में जिला प्रशासन मंगलवार रात से तैयारी कर रहा था और बुधवार सुबह उसके बुलडोजर अवैध अतिक्रमण करने वालों पर गरजने लगे।
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अतिक्रमण हटाने से पहले कुछ उपद्रवियों ने पुलिस के ऊपर पथराव किया जिसके जवाब में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया लेकिन इन सबके दौरान जेसीबी और बुलडोजर चलते रहे। मामले में दुकानदारों को हिरासत में लिया गया है।

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चार बीघा जमीन पर बनना था महिला महाविद्यालय अब तक अधूरा है सपना

कमला नेहरू ट्रस्ट की चार बीघा से ज्यादा जमीन का मामला करीब पांच दशक पुराना है। इस जमीन पर महिला महाविद्यालय खोलने का सपना संजोया गया था। ट्रस्ट गठन के बाद जमीन पर महाविद्यालय खोलने के प्रयास हुए लेकिन कोशिशें कामयाब नहीं हुईं।

मामले पर विवाद तब शुरू हुआ जब कमला नेहरू ट्रस्ट ने इस जमीन को एक भाजपा नेता को बेच दिया। खरीद-बिक्री प्रक्रिया को सही नहीं माना गया और मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।

हाईकोर्ट ने इस जमीन को नजूल लैंड बताते हुए जिला प्रशासन के हक में फैसला सुनाया और अवैध कब्जा हटाने का फरमान जारी कर दिया। कई महीनों की मशक्कत के बाद जिला प्रशासन ने बुधवार को अवैध कब्जा हटवा दिया।
 गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला प्रशासन ने कब्जा हटवाने का प्रयास किया था लेकिन सदर विधायक आदिति सिंह ने इसका तीखा विरोध किया और दुकानदारों के हक में धरना प्रदर्शन भी किया था।

हाल ही में दुकानदारों की बिजली काट दी गई थी लेकिन बाद में जोड़ दी गई। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के बाद बुधवार की सुबह भारी फोर्स के साथ प्रशासन ने अतिक्रमण हटवा दिया। इस दौरान विरोध करने आए लोगों को पुलिस ने दौड़ा कर पीटा।
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