कमला नेहरू ट्रस्ट की चार बीघा से ज्यादा जमीन का मामला करीब पांच दशक पुराना है। इस जमीन पर महिला महाविद्यालय खोलने का सपना संजोया गया था। ट्रस्ट गठन के बाद जमीन पर महाविद्यालय खोलने के प्रयास हुए लेकिन कोशिशें कामयाब नहीं हुईं।
मामले पर विवाद तब शुरू हुआ जब कमला नेहरू ट्रस्ट ने इस जमीन को एक भाजपा नेता को बेच दिया। खरीद-बिक्री प्रक्रिया को सही नहीं माना गया और मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।
हाईकोर्ट ने इस जमीन को नजूल लैंड बताते हुए जिला प्रशासन के हक में फैसला सुनाया और अवैध कब्जा हटाने का फरमान जारी कर दिया। कई महीनों की मशक्कत के बाद जिला प्रशासन ने बुधवार को अवैध कब्जा हटवा दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला प्रशासन ने कब्जा हटवाने का प्रयास किया था लेकिन सदर विधायक आदिति सिंह ने इसका तीखा विरोध किया और दुकानदारों के हक में धरना प्रदर्शन भी किया था।
हाल ही में दुकानदारों की बिजली काट दी गई थी लेकिन बाद में जोड़ दी गई। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के बाद बुधवार की सुबह भारी फोर्स के साथ प्रशासन ने अतिक्रमण हटवा दिया। इस दौरान विरोध करने आए लोगों को पुलिस ने दौड़ा कर पीटा।