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Lucknow News: जेल की दिनचर्या से बेहाल श्रद्धा बंदियों से पूछ रही रिहाई का रास्ता

Thu, 29 Oct 2026 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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​शिवा सिंह की फाइल फोटो।
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लखनऊ। जेल की दिनचर्या और बैरक का माहौल श्रद्धा के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है। रात के सन्नाटे में उसकी नींद टूट रही है। मंगलवार देर रात नींद खुलने के बाद वह काफी देर तक बैठी रही। इसके बाद बैरक में टहलकर समय बिताया। बुधवार सुबह बैरक खुलने पर वह अपनी बहन के साथ टहलती नजर आई।
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जेल सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा को जेल के नियमों के अनुसार सोने-जागने और भोजन की व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने में परेशानी हो रही है। मच्छरों के बीच रात गुजारने के बाद सुबह छह बजे गिनती के लिए उठना पड़ता है। कंबल और फर्श पर बिछे बिस्तर पर सोने से भी उसे दिक्कत हो रही है।
उधर, श्रद्धा को अपने परिजनों से मुलाकात का इंतजार है। जेल प्रशासन को नाम देने के बावजूद अब तक कोई परिजन उससे मिलने नहीं पहुंचा। उसकी बहन रश्मि ज्यादातर गुमसुम रहती है। हालांकि दोनों बहनों के बीच बातचीत होती है। बीते सात दिनों में तीन वकीलों ने एक बार ही उनसे मुलाकात की। इसके अलावा कोई करीबी उससे मिलने नहीं आया। हालांकि पुलिस सत्यापन न होने से मुलाकात पर जेल प्रशासन ने रोक लगा रखी है।
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श्रद्धा जेल से बाहर निकलने के रास्ते तलाशने में भी जुटी है। बुधवार को उसने बैरक में मौजूद कई महिला बंदियों से उनके मुकदमों के बारे में जानकारी ली। अपने मामले का जिक्र करते हुए उसने पूछा कि जेल से छूटने में कितना समय लग सकता है। महिला बंदियों ने उसे मुलाकात समेत जेल के तौर-तरीकों की जानकारी दी।

शिवा सिंह की फाइल फोटो।

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