लखनऊ। मानकनगर के मेहंदी खेड़ा निवासी परचून दुकानदार वीरू यादव (44) की मौत के मामले में उनके पड़ोसियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकाने का केस कोर्ट के आदेश पर 26 नवंबर को दर्ज किया गया है।
एसओ मानकनगर अजीत कुमार ने बताया कि 22 सितंबर को वीरू यादव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा था। वीरू की मौत के कुछ दिनों के बाद परिजनों ने पड़ोसी सुरजीत यादव, उनकी पत्नी अनीता यादव, विवेक यादव, उसके भाई विशाल यादव, सुधीर यादव और इंद्रभान सिंह पर वीरू को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और धमकाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पड़ोसियों की प्रताड़ना से आजिज होकर वीरू ने जहर खाकर आत्महत्या की थी। वीरू की पत्नी नीलम ने मानकनगर पुलिस को तहरीर भी दी थी। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली।
एसओ मानकनगर ने बताया कि जांच में पता चला था कि वीरू की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। कोई जहरीला पदार्थ खाया था तो उसकी पुष्टि विसरा की रिपोर्ट आने पर हो सकेगी। दोनों परिवारों के बीच घर के सामने रैंप बनाने के लिए झगड़ा चल रहा था।